Asha Hospital
Holi 2026
in

गिरिपार मे सदियों से मनाया जाने वाला माघी त्यौहार कल..

गिरिपार मे सदियों से मनाया जाने वाला माघी त्यौहार कल..

गिरिपार मे सदियों से मनाया जाने वाला माघी त्यौहार कल.. 

TROWS

जिला सिरमौर मे परंपराओं और संस्कृति के धनी गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय द्वारा हर वर्ष जनवरी माह मे मनाये जाने वाले माघी त्यौहार का कल से आरंभ हो रहा है।

Holi 2026 -2

वैसे तो यह पर्व 28 गते पोश यानि 11 जनवरी को मनाया जाता है लेकिन इस बार 11 जनवरी को मंगलवार का दिन आने पर एक दिन पहले सोमवार को मनाया जाएगा।

Indian Public School

क्षेत्र के लोगों ने पर्व के लिये खरीददारी व अन्य तैयारियां पूरी कर ली है। पर्व के लिये मांसाहारी ने जहां बकरों की खरीद फरोख्त की है वहीं शाकाहारी वर्ग ने भी घी-शक्कर का इंतजाम कर लिया है।

Doon valley school

जानकारी के मुताबिक गिरिपार क्षेत्र मे माघी त्यौहार सदियों से मनाया जाता है। जिसे स्थानीय भाषा में “भातियोज” कहा जाता है। परंपरा के मुताबिक इस पर्व पर बकरा काटा जाता है तथा मां काली के नाम की कढ़ाई चढ़ाई जाती है।

बुर्जुगों के मुताबिक मां काली पूरे साल उनकी हर कष्टों से रक्षा करती है। सदियों से मनाया जाना वाला यह पर्व क्षेत्र की जनजातीय दर्जा देने की मांग को भी पुख्ता करता है। क्योंकि इस तरह की अनूठी परंपरा अब देश मे बिरले ही बची है।

JPERC 2025
Holi 2026 -3

पर्व को लेकर क्षेत्र के लोगों मे उत्साह

अहम बात यह है कि इस पर्व के लिये घर से बाहर रोजी रोटी के जुगाड़ मे व नोकरीपैशा लोग भी घर जरुर आतें है। इससे परिवार मिलन भी हो जाता है और पर्व भी मनाया जाता है।

जानकारी के मुताबिक यह माघी त्योहार गिरिपार क्षेत्र के तहसील शिलाई, संगडा़ह, राजगढ़, कमरउ, उपतहसील रोनहाट तथा पांवटा तहसील की आंजभोज की पंचायतों समैत उत्तराखण्ड के जोंसार बाबर और शिमला जिले मे बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

पर्व के पहले दिन दूर-दूर से नौकरीपैशा लोग परिवार समैत अपने घर आते हैं। पूरा परिवार मिलकर पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाता है तथा मिल जुलकर इस पर्व को मनाया जाता है।
उक्त पर्व पर क्षेत्र मे बकरे काटे जाते है।

हालांकि अब क्षेत्र मे करीब 50 फीसद से अधिक परिवार ऐसे हो चुके है जो शाकाहारी तरीके से बिना बकरे काटे इस पर्व को मनाते है। सबसे बड़ी बात यह है कि साल मे एक बार वह लोग भी घर आ जाते है जो काम के सिलसिले मे साल भर बाहर रहते है। इससे परिवार मिलन मे भी यह पर्व अपनी बड़ी भूमिका निभाता है। इस दौरान पारंपरिक गीत संगीत का दौर भी चलता है।

Written by Newsghat Desk

शामलात भूमि पर दलित वर्ग की हिस्सेदारी के लिए दलित शोषण मुक्ति मंच करेगा आंदोलन

शामलात भूमि पर दलित वर्ग की हिस्सेदारी के लिए दलित शोषण मुक्ति मंच करेगा आंदोलन

दर्दनाक हादसे में अज्ञात वाहन ने रौंदा बाईक सवार, मौत

दर्दनाक हादसे में अज्ञात वाहन ने रौंदा बाईक सवार, मौत