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डॉ केके अग्रवाल जीवन परिचय, Dr KK Aggarwal Wikipedia Biography In Hindi

डॉ केके अग्रवाल जीवन परिचय, Dr KK Aggarwal Wikipedia Biography In Hindi

पद्मश्री डॉ केके अग्रवाल का कोरोना संक्रमण से निधन….

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वीडियो के जरिए लोगों को करते थे जागरूक, जाने क्यूं लाखों लोग थे उनके कद्रदान…

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न्यूज़ घाट/एजेंसी

विख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ पद्म श्री डॉ केके अग्रवाल का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया।

वह 62 वर्ष के थे। अग्रवाल के आधिकारिक ट्विटर अकांउट पर एक बयान में यह जानकारी दी गई।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अग्रवाल को पिछले सप्ताह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था और वह वेंटिलेटर पर थे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अग्रवाल के निधन को समूचे देश के लिए एक बड़ा नुकसान बताया है।

केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘डॉ केके अग्रवाल का निधन पूरे देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने जीवन भर गरीबों, वंचितों के स्वास्थ्य अधिकारों के लिए काम किया। वह बहुत अच्छे इंसान थे।’’

ट्विटर पर पोस्ट एक बयान के अनुसार, ‘‘कोविड-19 से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद’’ सोमवार देर रात साढ़े 11 बजे अग्रवाल ने अंतिम सांस ली।

बयान में कहा गया, ‘‘वैश्विक महामारी के दौरान भी उन्होंने लोगों को शिक्षित करने के लगातार प्रयास किए, वह कई वीडियो तथा शैक्षिक कार्यक्रमों के जरिए करीब 10 करोड़ लोगों तक पहुंचे और अनेक लोगों की जान बचाई। वह चाहते थे कि उन्हें खुश होकर याद किया जाए, दुखी होकर नहीं।’’

केके अग्रवाल के परिवार में उनकी पत्नी डॉ वीणा अग्रवाल, पुत्र निलेश और बेटी नैना हैं।

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अग्रवाल को 2010 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से नवाजा गया था। वह डॉ बी सी रॉय पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए थे। हाथ से सीपीआर देकर जीवनरक्षक तकनीक में अधिकतम लोगों को प्रशिक्षण देने के लिए अग्रवाल का नाम ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज हुआ था।

अग्रवाल का जन्म पांच सितंबर 1958 में दिल्ली में हुआ था। अग्रवाल ने नागपुर विश्वविद्यालय के तहत एमजीआईएमएस, सेवाग्राम से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी।

आईएमए ने अग्रवाल के निधन को ‘‘अप्रत्याशित और गहरा नुकसान’’ बताया है।

आईएमए ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘डॉ केके अग्रवाल बहुत बड़ी शख्सियत थे और जन शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में उन्होंने महत्वपूर्ण काम किया। महामारी के दौरान भी हम सबका मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने लाखों लोगों की सेवा की। उनके जाने से आईएमए को अपूरणीय क्षति हुई है।’’

जरूरत मरीजों का करते थे मुफ्त इलाज, लाखों थे उनके कद्रदान

डॉ. केके अग्रवाल अपने प्रोफेशन की वजह से तो मशहूर थे ही। साथ ही वह अपनी नेकदिली के लिए भी जाने जाते थे। कोरोना काल के दौरान उनकी नेकदिली सबने देखी।

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उन्होंने हजारों लोगों की संकट के दौरान मदद की। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का उन्होंने मुफ्त इलाज किया। कोरोना संकट काल में वह एक वॉरियर्स के तौर पर हमेशा डटे रहे, लेकिन दुखद है कि कोरोना संक्रमण से वह जिंदगी की जंग हार गए।

वीडियो के जरिए लोगों को करते थे जागरूक…..

पद्मश्री सम्मान से सम्मानित वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केके अग्रवाल ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया था। इस क्लिप में उन्होंने इस बात की जानकारी दी है कि कोरोना का संक्रमण किन-किन लोगों को परेशान नहीं और किन्हें इसका सबसे ज्यादा खतरा है। इसके अलावा भी उन्होंने कोरोना से जुड़े तमाम वीडियो के जरिए लगातार लोगों को जागरूक करने का काम किया।

डॉ केके अग्रवाल के नाम हैं ये उपलब्धियां और सम्मान…..

वह भारत में दिल के दौरे के लिए स्ट्रेप्टोकिनेस थेरेपी इस्तेमाल करने वाले अग्रदूतों में से एक थे और उन्होंने भारत में कलर डॉपलर इकोकार्डियोग्राफी की तकनीक की भी शुरूआत की।

डॉ अग्रवाल को 2005 मेडिकल कैटेगरी के सर्वोच्च पुरस्कार, डॉ बीसी रॉय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। डॉ अग्रवाल को वर्ष 2010 में पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया था।

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इसके अलावा डॉक्टर अग्रवाल ने विश्व हिंदी सम्मान, राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार, फिक्की हेल्थ केयर पर्सनालिटी ऑफ द ईयर, डॉक्टर डीएस मुंगेकर राष्ट्रीय आईएमए समेत कई अवॉर्ड्स हासिल किए।

उन्होंने मेडिकल साइंसेज पर कई किताबें लिखीं हैं।उन्होंने आधुनिक एलोपैथी के साथ प्राचीन वैदिक चिकित्सा, इकोकार्डियोग्राफी पर 6 टेक्स्ट बुक और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनके लेख भी प्रकाशित हुए।

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Written by newsghat

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