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कायाकल्प के तहत पांवटा सिविल अस्पताल प्रदेश मे रहा था दूसरे स्थान पर

कायाकल्प के तहत पांवटा सिविल अस्पताल प्रदेश मे रहा था दूसरे स्थान पर

कायाकल्प के तहत पांवटा सिविल अस्पताल प्रदेश मे रहा था दूसरे स्थान पर

अस्पताल मे हुआ कायाकल्प पुरूस्कार समारोह का आयोजन, 15 लाख रूपये ईनाम का बना था हकदार

 

Shri Ram

पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल परिसर मे कायाकल्प पुरूस्कार समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने शिरकत की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इस उपलब्धि पर बधाई दी और भविष्य मे और अच्छा कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रदेश व देश की सरकार की कोरोना महामारी मे बेहतर प्रबंधन करने पर बधाई दी। साथ ही चिकित्सकों और पैरा मैडिकल स्टाफ की भी सेवाओं के लिए सराहना की।

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उन्होंने कहा कि कि अस्पताल मे जितनी भी सुविधा है वो भाजपा सरकार की देन है। 100 से 150 विस्तरों का अस्पताल करवा कर दिया है जो जल्द शुरू हो जाएगा।

इससे पूर्व सीएमओ डाॅ संजीव सहगल ने ऊर्जा मंत्री को सम्मानित किया तथा कायाकल्प के लिए तय मानकों की जानकारी दी। गोर हो कि वर्ष 2019-20 में कायाकल्प के तहत पांवटा साहिब सिविल अस्पताल पूरे प्रदेश मे दूसरे स्थान पर रहा था।

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यह मुकाम हासिल कर अस्पताल जहां 15 लाख रूपये की राशि का हकदार बना वहीं अस्पताल प्रबंधन ने भी अपनी काबिलियत मनवाई। दरअसल, 2019-20 में पांवटा सिविल अस्पताल का कायाकल्प की टीम ने निरिक्षण किया।

इस दौरान टीम मे शामिल अहमदाबाद से सीनियर डाॅ दिव्येश वी पटेल और हिमाचल के डाॅ आरएस नेगी और डाॅ विक्रांत कंवर ने पांवटा साहिब अस्पताल की बारीकी से जांच की। टीम ने हर कमरे, किचन, लैब, सिटी स्कैन रूम व व्यवस्था की जांच की तथा टीम काफी संतुष्ट दिखी।

उसी समय संभावना जताई जा रही थी कि पांवटा का सिविल अस्पताल कायाकल्प योजना की सभी शर्तों को पूरा कर रहा है तथा वह ईनाम हासिल कर सकता है।

पांवटा सिविल अस्पताल का अपना तीन मंजिला भव्य व आधुनिक भवन है। इस भवन मे सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को बनाए रखने मे तत्कालीन एसएमओ डा. संजीव सहगल का बड़ा योगदान रहा।

योगदान इसलिए भी कह सकते है कि यहां पर नाहन के मेडिकल कालेज से भी प्रतिदिन ओपीडी अधिक रहती है और स्टॉफ उस हिसाब से कम है। यहां पर चार विधासभा क्षेत्र शिलाई, पांवटा साहिब, श्रीरेणूका जी व नाहन के साथ साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखण्ड और हरियाणा से भी मरीज पंहुचते है।

फिर भी व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती थी जिसे अस्पताल प्रशासन ने बखूबी निभाया। टीम ने माईनर ओटी, एमरजेंसी वार्ड, सिक्योरिटी रुम, एक्सेरे रुम, पावर रुम, चिल्ड्रेन वार्ड, मेटरनिटी वार्ड प्रसव रुम, स्पेशल वार्ड, समैत मेल और फीमेल ओपीडी का निरिक्षण किया।

इस दौरान टीम ने यह भी जांचा कि अस्पताल प्रबंधन भीड़ को नियंत्रित करने मे कितना सक्षम है। एसएमओ डाॅ अमिताभ जैन ने बताया कि वर्ष 2019-20 में पूरे प्रदेश मे दूसरे स्थान पर रहना पांवटा साहिब के लिए गर्व की बात है।

यह सब चिकित्सक और स्टाफ़ की मेहनत का नतीजा है। बीच मे कोविड के कारण इस उपलब्धि का अभिनन्दन समारोह नही मनाया जा सका था। जिस कारण अब यह समारोह आयोजित हुआ।

इस मौके पर एसडीएम विवेक महाजन, सीएमओ डाॅ संजीव सहगल, एसएमओ डाॅ अमिताभ जैन, डाॅ एवी राघव, डाॅ राजीव चौहान, डाॅ सुधी गुप्ता, डाॅ केएल भगत, बीएमओ राजपूर डाॅ अजय देओल, शिलाई डाॅ नसीर सहित डाॅ प्रेम गुप्ता, अरविंद गुप्ता, चरणजीत सिंह चौधरी, नर्सिंग व पैरा मैडिकल स्टाफ आदि सहित अनेकों गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Written by Newsghat Desk

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