Asha Hospital
in ,

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी पहुंचे गुरुद्वारा पांवटा साहिब, शीश निवाया…

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी पहुंचे गुरुद्वारा पांवटा साहिब, शीश निवाया…

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी पहुंचे गुरुद्वारा पांवटा साहिब, शीश निवाया…

Shri Ram

गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने दिग्गज किसान नेता का सिरोपा देकर किया सम्मान……

स्थानीय नेताओं से मुलाकात कर किसानों को जागरूक करने का आह्वान…..

Doon valley school

न्यूज़ घाट/पांवटा साहिब

JPERC 2025

दिग्गज किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी किसान महापंचायत को संबोधित करने के बाद शीश नवाने गुरुद्वारा पांवटा साहिब पहुंचे।

उन्होंने यहां पहुंच कर किसान आंदोलन के सफल होने की कामना की। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पांवटा साहिब द्वारा उन्हें उनकी सेवाओं के लिए सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर किसान नेता ने कहा कि किसानों की एकता ही किसानों के साथ किसान आंदोलन की सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगी।

उन्होंने कहा कि जरूरत है कि सभी समुदायों और आम लोगों को किसानों के पक्ष में खुलकर सामने आना चाहिए। उन्होंने इस दौरान स्थानीय नेताओं से मिलकर उन्हें किसानों को केंद्र सरकार के काले कानूनों के बारे में जागरूक करने की अपील की।

इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपप्रधान जत्थेदार हरभजन सिंह, सदस्य सरदार हरप्रीत सिंह रतन, पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग ने गुरनाम सिंह चढूनी को उनके कुशल नेतृत्व के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उनकी देखरेख में किसान आंदोलन सफलता की सीमा पार करेगा।

ये भी पढ़ें : नही रहे सहायक जिला न्यायवादी राजेंद्र शर्मा…..

क्यूं 70 फीसदी ज्यादा खतरनाक है यूके का नया कोरोना स्ट्रेन….

किसान महापंचायत के मंच से गरजे राकेश टिकैत……

भाजपा नेताओं का जम कर करें विरोध, लेकिन हिंसा नहीं : गुरनाम सिंह चढूनी

इस मौके पर उनके साथ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैनेजर सरदार जागीर सिंह, सरदार बलजिंद्र सिंह चंढियाला, सरदार अमरजीत सिंह मोहरी, डॉ निर्मल सिंह, अश्वनी शर्मा, सतविंद्र सिंह बिट्टू, रंजोध सिंह, अमरीक सिंह, इकबाल सिंह, मोहन सिंह, इकबाल सिंह सैनी आदि उपस्थित थे।

Written by newsghat

नही रहे सहायक जिला न्यायवादी राजेंद्र शर्मा…..

नही रहे सहायक जिला न्यायवादी राजेंद्र शर्मा…..

भाजपा नेताओं का जम कर करें विरोध, लेकिन हिंसा नहीं : गुरनाम सिंह चढूनी

भाजपा नेताओं का जम कर करें विरोध, लेकिन हिंसा नहीं : गुरनाम सिंह चढूनी