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डिप्रेशन में हैं तो मत खाइये यह दवायें, आ सकता है हर्ट अटैक…

डिप्रेशन में हैं तो मत खाइये यह दवायें, आ सकता है हर्ट अटैक…

डिप्रेशन में हैं तो मत खाइये यह दवायें, आ सकता है हर्ट अटैक…

3 गुना तक बढ़ जाता है मौत का ख़तरा…

आधुनिक दुनिया मे तमाम कारणों के चलते बहुत से लोग डिप्रेशन का शिकार रहते हैं और इसका प्रभाव उनके जीवन के सभी आयामो पर पड़ता है।

डिप्रेशन से बचने के लोग प्रायः लोग डिप्रेशन कम करने वाली दवायें लेते रहते हैं और उन्हें लगता है कि उनके साथ सब कुछ धीरे धीरे सही हो रहा है परंतु यह सिर्फ और सिर्फ एक भ्रम होता है। वास्तव में बीमार व्यक्ति जितना अधिक मात्रा में डिप्रेशन को कम करने वाली दवायें खाते हैं उतनी ही तेजी से वह हार्ट अटैक की संभावना की तरफ बढ़ते रहते हैं।

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3 गुना तक बढ़ जाता है मौत का ख़तरा…

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प्रकाश में आई स्टडी में यह दावा किया गया है कि अगर आप एन्टी डिप्रेशन दवायें खाते हैं तो आप स्वास्थ्य की तरफ नहीं बल्कि मौत की तरफ बढ़ रहे हैं।

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स्टडी के मुताबिक एन्टी डिप्रेशन दवायें लेने वाले रोगियों में मृत्यु का खतरा 3 गुना तक बढ़ जाता है अतः यह आवश्यक है कि डिप्रेस्ड व्यक्ति को एंटी डिप्रेशन दवाओं से दूर रखा जाये।

यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कॉर्डियोलॉजी ने प्रकाशित की रिपोर्ट….

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डिप्रेशन और हार्ट अटैक को परस्पर जोड़ने वाली यह रिपोर्ट जाने-माने जर्नल यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कॉर्डियोलॉजी ने प्रकाशित किया है और डिप्रेस्ड व्यक्ति के ऊपर एंटी डिप्रेशन मेडिसिन के साइड इफ़ेक्ट का खुलासा किया है।

चूँकि विश्व मे डिप्रेस्ड लोगों का आँकड़ा बहुत ज्यादा है अतः यह रिपोर्ट मेडिकल के क्षेत्र में अहम रोल निभाने वाली है।

पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं और वयस्को से ज्यादा बुजुर्ग है सबसे ज्यादा डिप्रेस्ड…

स्टडी में दी गयी जानकारी बताती है की दुनिया के लगभग 5 प्रतिशत लोग डिप्रेशन के शिकार हैं,साथ ही यह भी बताया गया है कि पुरुषों कि अपेक्षा महिलाओं में डिप्रेशन के केसेज ज्यादा है, वही अगर बात वयस्क और बुजुर्गों की की जाये तो यह बात निकल कर सामने आती है कि वयस्कों से ज्यादा बुजुर्ग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।

डिप्रेशन के कारणों का करें इलाज…

आम तौर पर देखा यह गया है की लोग बीमारी का इलाज करते हैं न की बीमारी के कारणों का और यही वजह है कि बीमारी कभी खत्म नहीं होती, आवश्यकता है कि बीमारी के कारणों को तलाश कर उनका इलाज किया जाये, यही बात डिप्रेशन के संदर्भ में भी लागू होती है कि डिप्रेशन कम करने के लिये एन्टी डिप्रेशन दवायें लेने की जगह आप डिप्रेशन के कारणों का पता लगाकर उनका इलाज किया जाये।

Written by Newsghat Desk

द स्कॉलर्स होम में निदेशक एनपीएस नारंग

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