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भारत की AI क्रांति: 10 महीनों में अपना खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल लॉन्च करने की तैयारी

भारत की AI क्रांति: 10 महीनों में अपना खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल लॉन्च करने की तैयारी

भारत की AI क्रांति: 10 महीनों में अपना खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल लॉन्च करने की तैयारी

भारत की AI क्रांति: 10 महीनों में अपना खुद का लार्ज लैंग्वेज मॉडल लॉन्च करने की तैयारी

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत क्या कदम उठाने वाला है? क्या करेगा भारत अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल लॉन्च

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दुनिया भर में अलग-अलग राष्ट्रों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए मॉडल लॉन्च किया जा रहे हैं। अमेरिका, चीन ,जापान इस रेस में सबसे अग्रणी चल रही है । ऐसे में भारत की तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़े किए जा रहे हैं कि इस पूरे क्रम में भारत कहां खड़ा है?

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इसी बात का जवाब हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दिया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत भी अगले 10 महीनों में अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल लॉन्च करने वाला है।

10 महीनों में होगा भारत के पास खुद का AI मॉडल

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बता दें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक रेस में भारत भी अब पीछे नहीं है । अगले 10 महीनों में भारत के पास अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल होगा । यह एक उन्नत प्रकार का मॉडल होगा जिसे 18000 GPU का सपोर्ट मिलेगा। यह एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल होगा जिसे जल्द ही भारत भर में लॉन्च किया जाएगा।

प्रोजेक्ट इंडिया के अंतर्गत लॉन्च किया जाने वाला यह AI मॉडल एक ऐसा विकसित और उन्नत मॉडल होगा जो भारतीय संदर्भ और संस्कृति को बनाए रखेगा ।

भारत ने इस AI कंप्यूटर फैसिलिटी को विकसित करने के लिए 18693 GPU खरीदे हैं जिसकी वजह से भारत द्वारा तैयार किया जाने वाला यह मॉडल अन्य मॉडल को कांटे की टक्कर देने में सक्षम होगा।

 

कब तक लांच होगा भारत का अपना AI मॉडल

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव में हाल ही में गठित की गई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह घोषणा की है कि भारत में इस लार्ज लैंग्वेज मॉडल को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आने वाले 4 से 10 महीने में बुनियादी मॉडल तैयार किया जाएगा।

इसके लिए 6 डेवलपर पहले से ही काम पर लगा चुके हैं । भारत का यह फाउंडेशन मॉडल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मॉडल से मुकाबला करने में काफी हद तक सक्षम होगा। वही समय के साथ इस मॉडल को और उन्नत और संशोधित बनाया जाएगा।

क्या भारत का AI मॉडल वैश्विक AI क्षमताओं से कर सकेगा मुकाबला

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के मॉडल की तुलना अन्य वैश्विक मानको से करते हुए बताया है कि DEEPSEEK AI को 2000 GPU के माध्यम से तैयार किया गया है । वही चCHATGPT को 25000 GPU के माध्यम से तैयार किया गया है।

भारत के पास फिलहाल 15000 हाई एंड GPU उपलब्ध हैं, कल 18693 GPU की सुविधा के साथ तैयार किए जाने वाले इस AI मॉडल पर 10000 GPU के साथ काम शुरू हो चुका है। 6 डेवलपर इस काम में पहले से ही लग चुके हैं । इन सारे प्रयत्नों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत द्वारा लांच किया जाने वाला यह AI मॉडल महत्वाकांक्षाओं को जरूर पूरा करेगा और यह मॉडल वैश्विक AI मॉडल को कांटे की टक्कर देगा।

क्यों जरूरी है भारत का अपना AI कंप्यूटिंग इकोसिस्टम

AI कंप्यूटिंग इकोसिस्टम आज के इस तकनीकी दौर की बेसिक आवश्यकता बन चुकी है। किसी भी हाय एंड परफॉर्मेस ओरिएंटेड कंप्यूटर को आजकल AI मॉडल की सुविधा से और ज्यादा बेहतर बनाया जा रहा है। AI की मदद से ही लार्ज लैंग्वेज मॉडल को भी ट्रेन किया जा रहा है। ऐसे में हर क्षेत्र में AI काफी जरूरी हो गया है। जिसकी वजह से देश में एडवांस्ड लैब भी तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है ।

चीन अमेरिका की छोटी-छोटी स्टार्टअप कंपनियां अपने ताकतवर AI मॉडल लांच कर रही है। इस पूरे प्रतिद्वंद्वी परिवेश में यदि इंडिया को तकनीकी तरक्की करनी है तो इंडिया के पास अपना AI मॉडल होना आवश्यक है।

निष्कर्ष
कुल मिलाकर अमेरिका और चीन के बाद भारत भी जल्द ही अपना AI मॉडल लॉन्च करने वाला है। इस AI मॉडल का बेस मॉडल आने वाले 4 से 6 महीने में तैयार हो जाएगा ।ववही उन्नत मॉडल 10 महीनों के अंतराल में यूजर्स को उपलब्ध कराया जाएगा।

Written by Newsghat Desk

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