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सिलाई अध्यापिकाओं का अल्टीमेटम, 22 तक पॉलिसी नहीं बनाई, तो 23 से हड़ताल

सिलाई अध्यापिकाओं का अल्टीमेटम, 22 तक पॉलिसी नहीं बनाई, तो 23 से हड़ताल

सिलाई अध्यापिकाओं का अल्टीमेटम, 22 तक पॉलिसी नहीं बनाई, तो 23 से हड़ताल

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पंचायतीराज विभाग व सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर जहां जैसे तैसे जिला परिषद कैडर के 4700 कर्मचारी हड़ताल खत्म हुई हैं, तो वहीं अब सिलाई अध्यापिकाओं ने भी सरकार को अल्टीमेटम दिया है।

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वह भी तब, जब पंचायतीराज विभाग ने पंचायत सचिवों का काम इन्हें सौंपा है। सिलाई अध्यापिकाओं ने सरकार को 22 जुलाई तक पॉलिसी बनाने का अल्टीमेटम दिया है।

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22 जुलाई तक अगर सरकार की ओर से पॉलिसी नहीं बनाई जाती है, तो फिर 23 जुलाई से यह हड़ताल पर चली जाएंगी।

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हिमाचल प्रदेश सिलाई अध्यापिका एसोसिएशन की प्रदेशाध्यक्ष सुनीता राणा ने बताया कि जिला परिषद की हड़ताल के बाद उन्हें पंचायतों के ज्यादातर काम का दायित्व सौंपा गया है।

सिलाई अध्यापिकाएं सभी काम करने को तैयार हैं, लेकिन उनके लिए स्थायी पॉलिसी नहीं बनने पर वे काम छोड़ हड़ताल करेंगी।

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उन्होंने बताया कि 25 साल की नौकरी के बाद भी उन्हें मात्र 8000 रुपए मानदेय दिया जाता है, जबकि 2017 से सिलाई अध्यापिकाएं पंचायतों में सुबह 10 से 5 बजे तक काम कर रही हैं।

प्रदेश में इनकी संख्या 1730 है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गत 29 जून को शिमला में इनके साथ बैठक कर चुके हैं, लेकिन अब तक इनके लिए पॉलिसी नहीं बन पाई है।

ऐसे में 22 जुलाई तक पॉलिसी नहीं बनी, तो पंचायतों में फिर से छोटे-छोटे काम ठप हो जाएंगे, क्योंकि जिला परिषद अधिकारी व कर्मचारी भी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।

भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मदन राणा ने बताया कि यदि 22 जुलाई तक सिलाई अध्यापिकाओं के लिए पॉलिसी नहीं बनाई गई, तो 23 जुलाई को सभी जिलों में प्रदर्शन किए जाएंगे।

Written by Newsghat Desk

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