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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति पर झूठे आरोप लगाने वाली पत्नी को कड़ी फटकार! पत्नी की अपील खारिज! जानिए कैसे पलटा झूठे आरोपों का मामला

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति पर झूठे आरोप लगाने वाली पत्नी को कड़ी फटकार! पत्नी की अपील खारिज! जानिए कैसे पलटा झूठे आरोपों का मामला

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति पर झूठे आरोप लगाने वाली पत्नी को कड़ी फटकार! पत्नी की अपील खारिज! जानिए कैसे पलटा झूठे आरोपों का मामला

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति पर झूठे आरोप लगाने वाली पत्नी को कड़ी फटकार! पत्नी की अपील खारिज! जानिए कैसे पलटा झूठे आरोपों का मामला

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में एक पत्नी द्वारा अपने पति पर लगाए गए नाजायज संबंधों के झूठे आरोपों को क्रूरता मानते हुए तलाक की अपील को खारिज कर दिया।

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति पर झूठे आरोप लगाने वाली पत्नी को कड़ी फटकार! तलाक की अपील खारिज! जानिए कैसे पलटा झूठे आरोपों का मामला

कोर्ट का कहना था कि बिना सबूत के इस तरह के आरोप वैवाहिक संबंधों में दरार और मानसिक पीड़ा का कारण बनते हैं।

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इस मामले में, एक जूनियर इंजीनियर पति और पीटीए शिक्षक पत्नी के बीच 2005 में शादी हुई थी। शुरुआती तीन साल तक सब कुछ सौहार्दपूर्ण था, लेकिन पत्नी की नौकरी और बच्ची की देखभाल को लेकर परिवार में कड़वाहट आ गई।

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पत्नी ने पति पर अन्य महिला के साथ अवैध संबंध होने के आरोप लगाए, जिससे पारिवारिक तनाव बढ़ गया।

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कोर्ट ने बताया कि हिंदू मैरिज एक्ट में क्रूरता की परिभाषा नहीं दी गई है, लेकिन इसे व्यक्तिगत आचरण और व्यवहार के संदर्भ में समझा जाता है। क्रूरता शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों में हो सकती है।

मानसिक क्रूरता के मामले में यह देखा जाता है कि इसका जीवनसाथी पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और क्या इससे उनका साथ रहना हानिकारक हो रहा है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर इस प्रकार की क्रूरता से जीवनसाथी के स्वास्थ्य, भावनात्मक स्थिति, और खुशी पर नकारात्मक असर पड़ रहा हो, तो यह वैवाहिक संबंधों के लिए घातक माना जाता है।

इस मामले में, पत्नी द्वारा लगाए गए आरोप न केवल आधारहीन थे, बल्कि उन्होंने पति की प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिरता पर गहरा असर डाला था।

इसलिए, कोर्ट ने यह माना कि इस प्रकार के आरोप न सिर्फ अनुचित हैं बल्कि वैवाहिक जीवन में क्रूरता का प्रदर्शन भी करते हैं।

नतीजतन, हाईकोर्ट ने पत्नी की अपील को खारिज करते हुए पहले हुए फैमिली कोर्ट के तलाक के फैसले को बरकरार रखा।

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Written by Newsghat Desk

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