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एजुकेशन लोन लेने की सोच रहे हैं, तो रखें ध्यान इन 4 बातों का

इन बातों का रखेंगे ध्यान तो नहीं होगा नुकसान

बढ़ती महंगाई के कारण अधिकांश छात्रों के लिए अपने पसंदीदा कॉलेज जाना या उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना दिनोंदिन कठिन बनता जा रहा है। लगातार महंगी होती शिक्षा के कारण छात्रों और माता-पिता के कई प्रयासों के बाद भी विद्यार्थियों को पर्याप्त क्वालिटी एजुकेशन तक पहुंच नहीं बन पाती।

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नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2004 से 2008 के बीच, प्राइवेट इंस्टिट्यूशन में 175 प्रतिशत का इजाफा हुआ है वहीं तकनीकी और व्यवसायिक एजुकेशन के लिए 96% की वृद्धि हुई है।

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ऐसी स्थिति में एजुकेशन लोन एक अच्छा समाधान हो सकता है। एजुकेशन लोन लेना व्यक्ति के जीवन में एक बड़े वित्तीय फैसलों में से एक है।

आइए जानते हैं की एजुकेशन लोन लेते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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लोन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता प्राप्त करना

एजुकेशन लोन के लिए एप्लीकेशन लगाने से पहले विद्यार्थियों को उस लोन को लेने से लेकर चुकाने तक की सभी प्रक्रिया का अच्छे से पता होना चाहिए।

विद्यार्थियों को कोर्स की फीस, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, स्कोलरशिप, लोन पर ब्याज और कर्ज से जुड़ी सभी प्रोसेसिग फीस के बारे में पर्याप्त ज्ञान होना आवश्यक है।

दस्तावेज तैयार रखना

एजुकेशन लोन के लिए जिन डाक्यूमेंट्स को जमा करना होता है वह सभी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन जब कोई भी स्टूडेंट्स लोन के लिए अप्लाई करता है तो उसे सभी डाक्यूमेंट्स के बारे में पता होना चाहिए। आइए हम आपको कुछ दस्तावेजों के बारे में बताते हैं जिनकी सामान्यतः जरूरत पड़ती है।

विद्यार्थियों और साथ में आवेदन करने वाले के आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट।

साथ में आवेदन करने वालों (सह-आवेदक) के कुछ और अतिरिक्त दस्तावेज।

यदि विद्यार्थी किसी कंपनी या किसी जगह पर वर्किंग प्रोफेशनल है तो एड्रेस प्रूफ, अंतिम दो फॉर्म 16, पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप, सैलरी अकाउंट बैंक स्टेटमेंट और कंपनी आईडी या ऑफर लेटर आदि चीजों की आवश्यकता पड़ सकती है।

आप जहां दाखिला लेने चाहते हैं उस इंस्टिट्यूशन की एडमिशन लेटर कॉपी फीस स्ट्रक्चर के साथ सभी दस्तावेज।

सेकेंडरी, हाई सीनियर सेकेंडरी, और डिग्री कोर्स की मार्कशीट या पासिंग सर्टिफिकेट।

लोन पीरियड

एजुकेशन लोन सामान्यतया 8 से 10 सालों के समय के लिए उपलब्ध करवाया जाता है। लंबे समय में यह EMI कम हो जाती है लेकिन यह कुल मिलाकर रीपेमेंट की लागत को बढ़ाता है। यदि कोई विद्यार्थी इस लोन को जल्दी चुका सकता है तो उसे जल्दी चुकाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, एजुकेशन लोन के प्रीपेमेंट पर जीरो पेनल्टी के साथ भी EMI होती है।

एजुकेशन लोन के टेक्स बेनिफिट्स

जब आप एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो आप आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 (ई) के तहत टैक्स डिडक्शन के लिए एलिजिबल बन जाते हैं।

बता दें कि इस टैक्स डिडक्शन के लिए आप आसानी से दावा कर सकते हैं।

कोर्स के बाद उपलब्ध नौकरी के अवसरों के बारे में जानना

एक विद्यार्थी के रूप में आपको अपने कोर्स को चुनने से पहले इस बात की पर्याप्त समझ बना लेनी चाहिए कि आप की पहली न्यूनतम सैलरी लगभग कितनी होगी। क्योंकि आपको वह डिग्री प्राप्त करने के बाद आपके द्वारा लिए गए लोन की किस्तें भी चुकानी होगी इसलिए सैलरी के बारे में विचार करना आवश्यक है।

Written by Newsghat Desk

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