in

50 रुपये के सिक्के के लिये कोर्ट में याचिका, जाने क्या है वजह..

50 रुपये के सिक्के के लिये कोर्ट में याचिका, जाने क्या है वजह..

50 रुपये के सिक्के के लिये कोर्ट में याचिका, जाने क्या है वजह..

इनकी समस्या के समाधान के लिए मामला पहुंचा अदालत में…

दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर 50 रुपये के सिक्के जारी करने संबंधी नीति बनाने का निर्देश केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक को देने का अनुरोध किया गया है। जिससे देश में दृष्टिबाधित नागरिकों को भी समान अवसर मिले और व्यापार करने में सुगमता हो।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने याचिका पर सुनवाई के लिए 25 फरवरी 2022 की तारीख तय की है।

दृष्टबधितों की समस्या के समाधान हेतु डाली गई याचिका…

Bhushan Jewellers Dec 24

लंबित याचिका में अर्जी दाखिल करते हुए अधिवक्ता रोहित दंडरियाल ने अदालत से अनुरोध किया कि वह अधिकारियों को 50 रुपये की नई मुद्रा को वापस लेने का निर्देश दें। दृष्टिबाधितों को उसके आकार और स्पर्श कर पता चलने वाले निशानों की वजह से पहचानने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता ने कागजी मुद्रा की डिजाइन और विभिन्न मूल्यों को पता करने में दृष्टिबाधितों को होने वाली समस्या और असमानता का अध्ययन किया है।

2000 के नोट को पहचान लेते हैं दृषिबाधित लोग…

अर्जी में कहा गया, ‘प्रतिवादी (सरकार और आरबीआई) ने दृष्टिबाधितों के लाभ लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के जारी किए हैं।

वहीं, कागजी मुद्रा में 1, 2, 5, 10, 20, 100, 200, 500 और 2000 रुपये मूल्य के नोट दृष्टिबाधितों के अनुकूल हैं जबकि 50 रुपये के नोट में ऐसा नहीं है।

50 रुपये मूल्य के सिक्के भी उपलब्ध नहीं हैं। उच्च न्यायालय ने इससे पहले सरकार और आरबीआई से नई कागजी मुद्राओं और सिक्कों की जांच के लिए कहा था। अदालत ने पाया कि दृष्टिबाधित को उन्हें पहचानने में मुश्किल हो रही है।

Written by newsghat

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से साकार हुआ रजनी का अपने रेस्टोरेंट का सपना

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से साकार हुआ रजनी का अपने रेस्टोरेंट का सपना

50 रुपये के सिक्के के लिये कोर्ट में याचिका, जाने क्या है वजह..

50 रुपये के सिक्के के लिये कोर्ट में याचिका, जाने क्या है वजह..