OpenAI ChatGPT: अमेरिका के साथ ओपन-एआई की डील से मचा बवाल! भड़क उठे लोग, 15 लाख यूजर्स ने छोड़ा चैटजीपीटी

OpenAI ChatGPT: सैम ऑल्टमैन की कंपनी ओपन-एआई (OpenAI) और अमेरिकी रक्षा विभाग (DoW) के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है, इसके तहत OpenAI अपने कुछ मॉडल्स को पेंटागन के क्लासिफाइड नेटवर्क पर तैनात करेगा।

OpenAI ChatGPT: अमेरिका के साथ ओपन-एआई की डील से मचा बवाल! भड़क उठे लोग, 15 लाख यूजर्स ने छोड़ा चैटजीपीटी
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने OpenAI की प्रतिद्वंद्वी कंपनी Anthropic की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया है। इसी बीच अमेरिका के साथ OpenAI की डील से बवाल मच गया है और अमेरिका में लोग ChatGPT अनइंस्टॉल करने लगे है।

15 लाख से ज्यादा यूजर्स ने चैटजीपीटी छोड़ा
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन को पेंटागन के साथ यह डील करना इतना महंगा पड़ गया कि लोग कंपनी के एआई चैटबॉट ChatGPT को बॉयकॉट कर रहे हैं। डील की घोषणा होने के बाद 48 घंटे से भी कम समय में लगभग 15 लाख से ज्यादा यूजर्स ने चैटजीपीटी छोड़ दिया हैं।


क्या है मामला
दरअसल, OpenAI ने हाल ही में पेंटागन के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया है। इसके तहत वह अपनी AI टेक्नोलॉजी को सिक्योर सिस्टम में इस्तेमाल करेगी। जिसके बाद इस फैसले की काफी आलोचना की जा रही है। ऐसे में इसको लेकर OpenAI के CEO Sam Altman ने खुद सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी किया है।
उन्होंने यह साफ करने की कोशिश की कि उनकी कंपनी ने अमेरिकी रक्षा विभाग यानी Department of Defense के साथ जो समझौता किया है, उसका मकसद क्या है और उसकी सीमाएं क्या हैं। Sam Altman ने अपनी पोस्ट में बताया कि OpenAI ने Department of Defense के साथ अपने एग्रीमेंट में कुछ अहम बदलाव किए हैं।


उन्होंने बताया, ऐसा इसलिए क्योंकि यह साफ हो सके कि कंपनी के AI सिस्टम का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ लिखा कि कानून के दायरे में रहते हुए AI का इस्तेमाल किया जाएगा और इसे जानबूझकर डोमेस्टिक सर्विलांस के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा।
लोगों ने क्यों किया विरोध
जैसे ही यह खबर फैली कि OpenAI अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ काम कर रही है, बड़ी संख्या में लोगों ने ChatGPT ऐप हटाना शुरू कर दिया। सिर्फ एक दिन में अनइंस्टॉल में 295 प्रतिशत की उछाल दर्ज किया गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया कि क्या AI अब युद्ध मशीन का हिस्सा बनने जा रहा है। कुछ यूजर्स का कहना है कि AI कंपनियों को सेना से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

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