Good Parenting Tips: सोने से पहले बच्चे से पूछें ये 6 सवाल, पैरेंटिंग कोच ने बताया—रिश्ता जिंदगी भर रहेगा मजबूत
Parenting Tips: बच्चों के साथ रोज़ की छोटी बातचीत भी उनके भविष्य पर गहरा असर डालती है। पैरेंटिंग कोच संदीप ने सलाह दी है कि अगर माता-पिता सोने से पहले 5–10 मिनट बच्चे को दें और कुछ खास सवाल पूछें, तो रिश्ता मजबूत होता है और बच्चा भावनात्मक रूप से सशक्त बनता है।

Parenting Tips:
बच्चों की परवरिश में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम होती है। दिनभर की भागदौड़ में अक्सर संवाद कम हो जाता है। ऐसे में सोने से पहले की बातचीत बच्चे को सुरक्षित और सुना हुआ महसूस कराती है।
पैरेंटिंग कोच संदीप के अनुसार, रोज़ाना छह सरल सवाल बच्चे की सोच, आत्मविश्वास और भावनाओं को सही दिशा देते हैं। ये सवाल बच्चे को खुद को समझने और खुलकर बात करने का मौका देते हैं।


सवाल नंबर 1:
आज तुम्हें सबसे ज्यादा किस बात से खुशी मिली?
यह सवाल बच्चे को छोटी खुशियों को पहचानना सिखाता है। उसकी सोच सकारात्मक बनती है और वह रोज़ के अच्छे पलों को महत्व देना सीखता है।
सवाल नंबर 2:
आज स्कूल या दिनभर में कोई मुश्किल आई? तुमने उसे कैसे संभाला?
इससे बच्चा चुनौतियों से डरने के बजाय उनसे सीखना सीखता है। उसकी समस्या सुलझाने की क्षमता मजबूत होती है।

सवाल नंबर 3:
आज तुमने किसी की मदद की या किसी ने तुम्हारी मदद की?
यह सवाल बच्चे में दयालुता और सहानुभूति का भाव जगाता है। वह रिश्तों और सहयोग की अहमियत समझता है।
सवाल नंबर 4:
आज ऐसा क्या था जो तुम्हें पसंद नहीं आया?
इससे बच्चा अपनी नकारात्मक भावनाओं को दबाने के बजाय खुलकर व्यक्त करता है। उसके मन का तनाव कम होता है।
सवाल नंबर 5:
आज तुम्हें खुद पर किस बात का गर्व हुआ?
यह सवाल बच्चे के आत्मसम्मान को बढ़ाता है। वह अपनी उपलब्धियों और अच्छी आदतों को पहचानता है।
सवाल नंबर 6:
कल के लिए तुम्हारा क्या प्लान है? तुम क्या अच्छा करना चाहते हो?
इससे बच्चे में योजना बनाने और जिम्मेदारी लेने की आदत विकसित होती है। वह भविष्य के बारे में सोचने लगता है।
क्यों जरूरी है यह बातचीत?
इन सवालों से माता-पिता और बच्चे के बीच भरोसा बढ़ता है। बच्चा महसूस करता है कि उसकी बातों को महत्व दिया जा रहा है। इससे रिश्ता गहरा होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोज़ की यह छोटी पहल बच्चे को भावनात्मक रूप से मजबूत, आत्मविश्वासी और खुश बनाती है। ऐसे में हर माता-पिता को दिन का अंत बच्चे के साथ संवाद से करना चाहिए।
अस्वीकरण:
यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी चिकित्सकीय या विशेषज्ञ सलाह के लिए योग्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।


