Asha Hospital
in

HP News: हिमाचल के रिटायर्ड प्रिंसिपल ने उगाई दस क्विंटल हल्दी! बेटा डॉक्टर और बहू भी सरकारी अफसर, फिर भी नहीं छोड़ी खेती

HP News: हिमाचल के रिटायर्ड प्रिंसिपल ने उगाई दस क्विंटल हल्दी! बेटा डॉक्टर और बहू भी सरकारी अफसर, फिर भी नहीं छोड़ी खेती

HP News: हिमाचल के रिटायर्ड प्रिंसिपल ने उगाई दस क्विंटल हल्दी! बेटा डॉक्टर और बहू भी सरकारी अफसर, फिर भी नहीं छोड़ी खेती

HP News: हिमाचल के रिटायर्ड प्रिंसिपल ने उगाई दस क्विंटल हल्दी! बेटा डॉक्टर और बहू भी सरकारी अफसर, फिर भी नहीं छोड़ी खेती

TROWS

HP News: प्राकृतिक खेत को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने तथा इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयास काफी अच्छे परिणाम ला रहे हैं। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं को 60 रुपये प्रति किलो और मक्की को 40 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रही है, वहीं कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलो दाम निर्धारित किया गया है।

Shri Ram

HP News: हिमाचल के रिटायर्ड प्रिंसिपल ने उगाई दस क्विंटल हल्दी! बेटा डॉक्टर और बहू भी सरकारी अफसर, फिर भी नहीं छोड़ी खेती

प्रदेश सरकार की इस योजना से प्रभावित होकर हल्दी की खेती शुरू करने वाले भोरंज उपमंडल की ग्राम पंचायत भुक्कड़ के गांव बैरी ब्राहम्णा के शिक्षाविद सुभाष कपिला और उनकी धर्मपत्नी उर्मिला कपिला ने इस सीजन में लगभग दस क्विंटल हल्दी पैदा करके क्षेत्र के किसानों-बागवानों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

Indian Public School

स्कूल प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त 76 वर्षीय सुभाष कपिला और शिक्षा विभाग से ही टीजीटी के पद से सेवानिवृत्त उनकी धर्मपत्नी उर्मिला कपिला का बेटा डेंटल सर्जन और बहू सीनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद सुभाष कपिला और उर्मिला कपिला ने खेती नहीं छोड़ी है।

Doon valley school

वे अपने खेतों में रासायनिक खाद और जहरीले कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जब प्रदेश में बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया और इस विधि से उगाई जाने वाली फसलों के लिए अलग से उच्च दाम निर्धारित किए तो वयोवृद्ध कपिला दंपत्ति ने हल्दी उगाने का निर्णय लिया।

उन्होंने कृषि विभाग की एसएमएस मोनिका शर्मा और अन्य अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा विभाग से हल्दी का बीज भी लिया। सुभाष कपिला ने बताया कि इस सीजन में उन्हें लगभग 10 क्विंटल पैदावार हुई है।

JPERC 2025

उनका कहना है कि हल्दी की खेती में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है और यह ऐसी फसल है, जिसे जंगली जानवर कोई नुक्सान नहीं पहुंचाते हैं। इसके लिए रासायनिक खाद या कीटनाशकों की जरुरत भी नहीं होती है। प्रदेश सरकार इसे 90 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रही है। इसलिए, हल्दी की खेती में किसानों को फायदा ही फायदा है।

दिन भर की ताजा खबरों के अपडेट के लिए WhatsApp NewsGhat Media के इस लिंक को क्लिक कर चैनल को फ़ॉलो करें।

Written by News Ghat

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it's all about "आपकी बात"!

Himachal Jobs : हिमाचल के युवक-युवतियों को नौकरी का शानदार मौका! 100 पदों पर हो रही भर्ती, इस दिन होंगे इंटरव्यू

Himachal Jobs : हिमाचल के युवक-युवतियों को नौकरी का शानदार मौका! 100 पदों पर हो रही भर्ती, इस दिन होंगे इंटरव्यू

YouTube Tips: यूट्यूब पर नहीं आ रहे व्यूज तो न हों निराश! कुछ ट्रिक्स को अपनाकर ग्रो करें चैनल, इन गलतियों से भी बचे…

YouTube Tips: यूट्यूब पर नहीं आ रहे व्यूज तो न हों निराश! कुछ ट्रिक्स को अपनाकर ग्रो करें चैनल, इन गलतियों से भी बचे…