Himachal News: 832 विद्यार्थियों को मिली NMMS छात्रवृत्ति, चार साल तक हर साल मिलेंगे 12 हजार रुपये

हिमाचल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। नेशनल मींस कम मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में प्रदेश के 832 विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जिन्हें चार साल तक छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।

प्रदेश भर में यह परीक्षा 2 नवंबर 2025 को आयोजित की गई थी। इसमें आठवीं कक्षा के करीब 9700 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। परिणाम जारी होने के बाद चयनित विद्यार्थियों और उनके स्कूलों में खुशी का माहौल है।

जानकारी के अनुसार परीक्षा प्रदेश के 68 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। मेरिट सूची में आने वाले विद्यार्थियों को 9वीं से 12वीं कक्षा तक हर साल 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यानी विद्यार्थियों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।


जिला स्तर पर देखें तो कांगड़ा से सबसे ज्यादा 154 विद्यार्थी चयनित हुए हैं। मंडी से 132 छात्र-छात्राएं इस सूची में शामिल हैं। शिमला से 95, चंबा से 78 और सिरमौर से 73 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है।
इसके अलावा सोलन से 69, कुल्लू और ऊना से 61-61 विद्यार्थी चयनित हुए हैं। हमीरपुर से 53 और बिलासपुर से 48 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। किन्नौर से 12 जबकि लाहौल-स्पीति से सबसे कम दो विद्यार्थियों का चयन हुआ है।


यह छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2008 में शुरू की गई थी। इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग देना है।
एससीईआरटी सोलन की प्रिंसिपल डॉ. रितु शर्मा सोनी ने बताया कि परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है। चयनित विद्यार्थियों की सूची प्रदेश के सभी स्कूलों को ईमेल के माध्यम से भेजी जा रही है।
उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। स्कूल प्रमुखों को बच्चों का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डाटा अपलोड करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों का नाम, पता या अन्य जानकारी गलत दर्ज न हो।
बताया जा रहा है कि छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पोर्टल जून माह में खोला जाएगा। पोर्टल शुरू होने से पहले स्कूलों को इसकी आधिकारिक सूचना भेज दी जाएगी।



