in

हिमकेयर योजना में स्टेंट लगाने के नाम पर गड़बड़ी का शक, विजिलेंस ने IGMC से मांगा रिकॉर्ड

हिमकेयर योजना में स्टेंट लगाने के नाम पर गड़बड़ी का शक, विजिलेंस ने IGMC से मांगा रिकॉर्ड

हिमकेयर योजना में स्टेंट लगाने के नाम पर गड़बड़ी का शक, विजिलेंस ने IGMC से मांगा रिकॉर्ड

हिमकेयर योजना में स्टेंट लगाने के नाम पर गड़बड़ी का शक, विजिलेंस ने IGMC से मांगा रिकॉर्ड

हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत मरीजों के इलाज में कथित अनियमितताओं की जांच अब स्टेंट लगाने के मामलों तक पहुंच गई है। विजिलेंस ब्यूरो को आशंका है कि कुछ मामलों में मरीजों के उपचार से जुड़े दस्तावेजों में स्टेंट लगाने का जिक्र किया गया है, लेकिन वास्तव में मरीजों को स्टेंट लगाया गया था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। इन मामलों में लाखों रुपये की कथित गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

मामले की सच्चाई जानने के लिए विजिलेंस ब्यूरो ने शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) प्रशासन को पत्र भेजकर संबंधित मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड मांगा है। इसके साथ ही हिमकेयर योजना के तहत इलाज के बदले भुगतान के लिए जमा करवाए गए दावों और बिलों का विवरण भी मांगा गया है।

मेडिकल रिकॉर्ड और बिलों की होगी जांच

विजिलेंस ब्यूरो अब अस्पताल के रिकॉर्ड और योजना के तहत भुगतान के लिए पेश किए गए बिलों का आपस में मिलान करेगा। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि मरीजों के इलाज से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज चिकित्सा प्रक्रिया वास्तव में की गई थी या नहीं।

जांच एजेंसी स्टेंट लगाने से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट, मरीजों के उपचार का विवरण और अस्पताल की ओर से भुगतान के लिए प्रस्तुत किए गए बिलों की पड़ताल करेगी। इन दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि उपचार का विवरण और भुगतान के दावे एक-दूसरे से मेल खाते हैं या नहीं।

JPERC 2025

फिलहाल इन मामलों में किसी गड़बड़ी की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

सरकारी और निजी अस्पतालों से जुटाया जा रहा रिकॉर्ड

हिमकेयर योजना से जुड़े इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो की जांच जारी है। जांच एजेंसी सरकारी और निजी अस्पतालों से भी संबंधित दस्तावेज जुटा रही है, ताकि योजना के तहत किए गए उपचार और भुगतान के दावों की जांच की जा सके।

विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता राकेश कालिया ने बताया कि हिमकेयर मामले की जांच चल रही है। इसके लिए सरकारी और निजी अस्पतालों के प्रबंधन से रिकॉर्ड लिया जा रहा है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

हिमकेयर योजना का उद्देश्य पात्र लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध करवाना है। ऐसे में योजना के तहत किए गए उपचार और भुगतान के दावों का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्टेंट लगाने से जुड़े मामलों में विजिलेंस की जांच अब मेडिकल दस्तावेजों और बिलों के मिलान पर केंद्रित है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं उपचार के नाम पर ऐसे दावे तो प्रस्तुत नहीं किए गए, जिनकी पुष्टि मेडिकल रिकॉर्ड से नहीं होती।

हालांकि, फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि संबंधित मामलों में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

Written by newsghat

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Himachal News: धर्मशाला में 15 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ**त, किराए के कमरे में मिला श**व

Himachal News: धर्मशाला में 15 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ**त, किराए के कमरे में मिला श**व