Mistakes In Mutual Fund Return: कम मिल रहा है रिटर्न? कही आप भी तो नहीं कर रहे म्यूचुअल फंड की ये 5 बड़ी गलतियां
Mistakes In Mutual Fund Return: आज म्यूचुअल फंड निवेश का सबसे लोकप्रिय और असरदार विकल्प हो गया है। आसान निवेश और पेशेवर प्रबंधन की वजह से ज्यादा से ज्यादा निवेशक म्यूचुअल फंड की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां जोखिम को कवर कर रिटर्न को बढ़ाया जा सकता है।

Mistakes In Mutual Fund Return: कम मिल रहा है रिटर्न? कही आप भी तो नहीं कर रहे म्यूचुअल फंड की ये 5 बड़ी गलतियां
हालांकि म्यूचुअल फंड सबसे सुरक्षित निवेश साधन है, लेकिन कई बार निवेशक कुछ सामान्य भूल कर बैठते हैं जिसकी वजह से उन्हें मनचाहा रिटर्न नहीं मिल पाता। बल्कि निवेश के दौरान उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कहीं आप भी म्यूचुअल फंड निवेश में यह 5 बड़ी गलतियां तो नहीं कर रहे।
अक्सर देखा गया है कि म्यूचुअल फंड निवेशक वेल्थ क्रिएशन के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं पर नए निवेशक यह समझ ही नहीं पाते कि आखिर कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए? नए निवेशक अक्सर बाजार की चाल, पिछले रिटर्न और भावनाओं के आधार पर निर्णय ले लेते हैं जो की एक बहुत बड़ी भूल साबित होती है। इसलिए हम आज आपको बताएंगे निवेश के दौरान की जाने वाली 5 आम गलतियां जिनसे सावधान रहना बहुत जरूरी है।


म्यूचुअल फंड में पैसा डूबने की 5 बड़ी गलतियां
पिछले रिटर्न को देखकर निवेश करना: आमतौर पर निवेशक म्यूचुअल फंड के पिछले प्रदर्शन को देखकर निवेश कर देते हैं। उन्हें लगता है कि अब तक जो फंड अच्छा कर रहा था आगे भी करेगा। यह सबसे बड़ी गलती साबित होती है। क्योंकि पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं लेता। हमेशा फंड की रणनीति और जोखिम प्रोफाइल को समझ कर ही निवेश करें।
ट्रेंड और बाजार की भीड़ को फॉलो करना: बहुत से निवेशक बाजार में चल रहे ट्रेंड में फंस जाते हैं। कभी कोई सेक्टोरल या थेमेटिक फंड अच्छा कर रहा है तो उसमें पैसे लगा देते हैं परंतु यह समझना जरूरी है कि ट्रेंड हमेशा स्थाई नहीं रहता।

उच्च जोखिम वाले फंड में निवेश: कुछ निवेशक उच्च जोखिम वाले फंड में निवेश कर देते हैं और जबकि वे जोखिम को समझने में असमर्थ होते हैं। हालांकि कई उच्च जोखिम वाले फंड अधिक रिटर्न देने का दावा करते हैं लेकिन इसमें भारी भरकम जोखिम जुड़ा होता है जो कि कई बार हानि का कारण भी बनता है।
अल्पकालीन लाभ पर ध्यान देना: बहुत से निवेशक केवल छोटी अवधि के लाभ पर ध्यान देते हैं। इससे निवेश की लागत बढ़ जाती है और कंपाउंडिंग का फायदा समाप्त हो जाता है। हमेशा म्युचुअल फंड में लंबी अवधि का निवेश करें।
भावनाओं में बहकर निर्णय लेना: कई बार निवेशक भावनाओं में बहकर निर्णय लेते हैं। बाजार गिरता है तो घबरा जाते हैं और फंड खरीदने की बजाय बेचने लग जाते हैं। ऐसे में यह हानिकारक फैसला साबित होता है। उल्टा जब बाजार गिरे तब फंड खरीदना चाहिए ताकि लंबी अवधि में फायदा हो सके।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर म्युचुअल फंड एक शानदार निवेश का साधन है, लेकिन बिना योजना और बिना रणनीति के निवेश करने पर इसमें जोखिम ही मिलेगा। ऐसे में हमेशा निवेश करने से पहले वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करें, जोखिम को समझे, पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए और कंपाउंडिंग के लिए भरपूर समय दें।

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it’s all about “आपकी बात”!



