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Loan Defaulter 2023: क्या आप भी लोन डिफाल्टर है ? घबराएं नहीं दोबारा ले सकते हैं कर्ज, कैसे पढ़ें पूरी जानकारी

Loan Defaulter 2023: क्या आप भी लोन डिफाल्टर है, घबराएं नहीं दोबारा ले सकते हैं कर्ज, कैसे पढ़ें पूरी जानकारी
Loan Defaulter 2023: क्या आप भी लोन डिफाल्टर है, घबराएं नहीं दोबारा ले सकते हैं कर्ज, कैसे पढ़ें पूरी जानकारी

Loan Defaulter 2023: क्या आप भी लोन डिफाल्टर है ? घबराएं नहीं दोबारा ले सकते हैं कर्ज, कैसे पढ़ें पूरी जानकारी

Loan Defaulter 2023: आर्थिक विषमताओं के इस दौर में कई बार हम उतर चढ़ाव से गुजरते रहते हैं। ऐसे में ना चाहते हुए भी कई बार लोन डिफाल्टर हो जाते हैं। ऐसे में हमारे पर क्या विकल्प बचते हैं इन्हीं में से एक के बारे में हम यहां विस्तार से बात करते हैं।

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Agriculture loan: आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से कई बार किसान कृषि कार्यों के लिए कर्ज ले लेते हैं, लेकिन रिटर्न न मिलने पर बैंक उन्हें डिफाल्टर घोषित कर देता है, इसके बावजूद भी किसान उसे दोबारा से लोन प्राप्त कर सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से बात करते हैं।

देश के लाखों किसानों पर सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंकों का कर्ज बकाया है। कई बार कर्ज न चुका पाने की स्थिति में किसानों को डिफाल्टर भी घोषित कर दिया जाता है, जिसके बाद आगे से कर्ज लेने का रास्ता बंद हो जाता है।

जाहिर है, कर्ज लेते समय कानूनी अनुबंध तो किया जाता है, लेकिन कई बार फसल खराब होने, मौसम या अन्य कारणों से किसान कर्ज की किस्तें चुकाना भूल जाते हैं।

कई बार बैंक किसानों को बुलाकर कर्ज चुकाने की याद दिलाते हैं, लेकिन एक-दो बार मौका मिलने पर बैंक अपनी शर्तों के अनुसार कर्ज में लेट फीस, पेनल्टी, कानूनी खर्च जैसे खर्च जोड़ देते हैं। जिससे ऋण राशि बढ़ जाती है।

यह कर्ज किसानों पर बोझ की तरह आ जाता है, जिसे चुकाना हर किसान के बस की बात नहीं होती। कई बार जमानत के तौर पर रखी जमीन को किसान को बेचना पड़ जाता है।

अब खेती में पैसे की जरूरत है, इसलिए किसानों का सवाल बना जाता है कि क्या वे डिफॉल्टर घोषित होने के बाद भी बैंकों अथवा अन्य छोटे बड़े वित्तीय संस्थानों से कर्ज ले सकते हैं या नहीं ?

Loan Defaulter 2023: जो डिफाल्टर किसान हैं

जब किसान पुराने ऋण की ब्याज की किश्तों या ईएमआई का समय पर भुगतान करने में असमर्थ होते हैं, तो बैंक और वित्तीय संस्थान किसानों को डिफाल्टर घोषित कर देते हैं। ऐसे में किसानों को दोबारा कर्ज लेने में परेशानी हो सकती है, क्योंकि हर बैंक पुराने रिकॉर्ड को देखकर ही नया कर्ज देता है।

ऐसे में किसान की साख पर भी सवाल उठता है। वास्तविक चिंता तब पैदा होती है जब ऋण देने वाले बैंकों और वसूली एजेंटों से ऋण राशि की वसूली के लिए कॉल आती हैं।

कई बार किसानों को दूसरा मौका भी दिया जाता है, जिसमें किसान विलंब शुल्क के साथ ऋण राशि जमा कराकर अपनी साख स्थिति में सुधार कर सकते हैं।

Loan Defaulter 2023: किसान कौन सा ऋण ले सकते हैं ?

किसानों को कृषि से लेकर निजी जरूरतों के लिए कई तरह के कर्ज मिलते हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड, ट्रैक्टर कर्ज, नया ट्रैक्टर कर्ज, ट्रैक्टर पर कर्ज, पर्सनल लोन, गिरवी कर्ज, गोल्ड लोन आदि शामिल हैं।

कई बार जमीन की जमानत पर किसानों को कर्ज भी दिया जाता है। अथवा वाहन, ताकि वे अपनी निजी जरूरतों को पूरा कर सकें।

Loan Defaulter 2023: क्या डिफॉल्टर किसान फिर से लोन प्राप्त कर सकते हैं ?

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी किसान या दूसरे पेशेवरों को लोन देने के लिए सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्टेटस चेक किया जाता है। यदि किसान ने पुराना कर्ज देर से चुकाया है लेकिन चुका दिया है तो वह फिर से कर्ज लेने का पात्र होगा।

ऐसे में लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर 750 से ज्यादा होना अनिवार्य है। भारत में कई वित्तीय संस्थान हैं जो 300 से अधिक CIBIL स्कोर वाले आवेदकों को लोन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी ब्याज दरें काफी अधिक हैं।

Loan Defaulter 2023: सिबिल स्कोर कैसे सुधारे

डिफाल्टर घोषित होने से बचने के लिए किसान को अपना सिबिल स्कोर सुधारना होगा। इसके लिए जरूरी है कि जिस बैंक से कर्ज लिया गया है उसकी ब्याज की किस्त या ईएमआई समय पर चुका दी जाए।

जानकारों का कहना है कि किसानों को अपनी आमदनी के हिसाब से कर्ज पास कराना चाहिए, ताकि उसे चुकाने में आसानी हो। हमेशा एक बार में एक ही लोन लें। कई बार कर्ज का बोझ बढ़ जाने पर भी कर्ज चुकाने में मुश्किलें आती हैं।

कृषि अनिश्चितताओं से भरा कार्य है। अच्छी परिस्थितियों में आप एक कर्ज चुका सकते हैं, लेकिन लगातार दूसरा और तीसरा कर्ज लेकर उसकी भरपाई करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सहकारी बैंक या किसान क्रेडिट कार्ड लोन ले सकते हैं, जिनकी ब्याज दरें बहुत कम होती हैं।

Loan Defaulter 2023: इन शर्तों पर मिलता है लोन

कई निजी बैंकों और कंपनियों ने डिफाल्टर किसानों के लिए कर्ज का रास्ता साफ कर दिया है। हालत यह है कि किसान को जमानत या गारंटी देनी पड़ती है, हालांकि कई राज्य सरकारें कर्जमाफी या ब्याज माफी जैसी योजनाएं भी लाती हैं। अब किसानों को नगद के बजाय कर्ज पर बीज, खाद, खाद और मशीन खरीदने की भी सुविधा दी जा रही है.

डिस्क्लेमर: उपरोक्त लेख में दी गई कुछ जानकारियां मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। किसी भी सुझाव पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Written by newsghat

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