RBI: ऑनलाइन फ्रॉड हुआ तो घबराएं नहीं! RBI खुद आपके खाते में डालेगा पैसा, जानिए नए नियम

RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल फ्रॉड का शिकार होने वाले लोगों को बड़ी राहत पहुंचाते हुए उन्हें मुआवजा देने का ऐलान किया है। डिजिटल ट्रांजैक्शन में होने वाले फ्रॉड से ग्राहकों को बचाने के लिए RBI ने नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क ‘Customer Liability in Digital Transactions’ जारी किया है।

RBI: ऑनलाइन फ्रॉड हुआ तो घबराएं नहीं! RBI खुद आपके खाते में डालेगा पैसा, जानिए नए नियम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रस्तावित नए नियमों के अनुसार, छोटे डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड (50,000 तक) के शिकार लोगों को 85% तक या अधिकतम 25,000 रूपए का मुआवजा मिल सकता है, बशर्ते फ्रॉड के 5 दिनों के भीतर शिकायत की जाए।

नए नियमों का उद्देश्य
नए नियमों का उद्देश्य छोटे मूल्य के डिजिटल ट्रांजैक्शन की सुरक्षा बढ़ाने, ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने, बैंक शिकायतों के निपटारे में लगने वाले समय को कम करने और छोटे मूल्य के फ्रॉड के लिए एक बेहतर मुआवजा मैकेनिज्म तैयार करना है। यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू करने की योजना है।


मिलेगा कितना मुआवजा
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि डिजिटल फ्रॉड (UPI, ATM, नेट बैंकिंग) में नुकसान 50,000 रुपये तक होता है तो ग्राहक को 85 फीसदी तक मुआवजा मिलेगा। यह अधिकतम 25,000 रुपये होगा।
5 दिनों के भीतर करनी होगी शिकायत
यह मुआवजा जीवन में एक बार मिलेगा और इसके लिए फ्रॉड के समय पर शिकायत करना आवश्यक है। फ्रॉड होने के 5 कैलेंडर दिनों के भीतर अपने बैंक को सूचित करना जरुरी है और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होनी चाहिए। बैंक 30 दिनों के भीतर जांच पूरी करेगा और धोखाधड़ी साबित होने पर मुआवजा आपके खाते में आ जाएगा।



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