Asha Hospital
in

Sirmour News : पांवटा साहिब की तारावती ने शुरू की हल्दी की प्राकृतिक खेती! बढ़ाई अपनी आय

Sirmour News : पांवटा साहिब की तारावती ने शुरू की हल्दी की प्राकृतिक खेती! बढ़ाई अपनी आय

Sirmour News : पांवटा साहिब की तारावती ने शुरू की हल्दी की प्राकृतिक खेती! बढ़ाई अपनी आय

Sirmour News : पांवटा साहिब की तारावती ने शुरू की हल्दी की प्राकृतिक खेती! बढ़ाई अपनी आय

Sirmour News : प्रदेश की अधिकांश जनसंख्या खेती बाड़ी पर निर्भर करती है, जिसके मद्देनज़र प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को लाभान्वित करने के उददेश्य से बहुत सी जन-हितैषी तथा कल्याणकारी योजनाएं प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही है ताकि किसानों की आर्थिकी को सशक्त बनाया जा सके।

Shri Ram

Sirmour News : पांवटा साहिब की तारावती ने शुरू की हल्दी की प्राकृतिक खेती! बढ़ाई अपनी आय

इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश के किसान भी अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ बना रहे हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य किसानों को रासायनिक मुक्त, कम लागत वाली और पर्यावरण-संवेदनशील खेती की ओर प्रोत्साहित करना है।

इस योजना के तहत प्रदेश सरकार किसानों के प्राकृतिक उत्पादों को अच्छे दाम दिलाने के लिए प्रयासरत है, जिसके मद्देनज़र प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं, मक्की, जौ और कच्ची हल्दी के लिए क्रमशः 60 रुपये, 40 रुपये, 60 रुपये और 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।

Doon valley school

इसी योजना की लाभान्वित पांवटा साहिब के केदारपुर की तारावती ने बताया कि पिछले कई वर्षों से खेती कर रही है, लेकिन रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से उनकी भूमि की उर्वरता में कमी आ रही थी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही थीं।

उन्होंने महसूस किया कि रासायनिक खेती से न केवल मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो रही हैं बल्कि उत्पाद में भी भारी गिरावट आ रही थी। तारावती ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना शुरू की तो उन्होंने शुरुआत में थोड़ी सी भूमि पर प्राकृतिक खेती का प्रयोग किया।

JPERC 2025

उन्होंने देसी गाय के गोबर और गोमूत्र का उपयोग करके जैविक खाद तैयार करना व वनस्पतियों से कीटनाशक बनाना सीखा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से केवल 45 किलोग्राम हल्दी लगाई थी, जिसका लगभग सात क्विंटल उत्पादन हुआ। प्रदेश सरकार द्वारा यह फ़सल लगभग 38 हजार में ख़रीदी गई।

उन्होंने बताया कि रासायनिक खेती की तुलना में प्राकृतिक खेती के माध्यम से अधिक उत्पादन हुआ साथ ही लागत में भी कमी आई तथा हल्दी की गुणवत्ता बेहतर हुई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से लगभग पौने दो क्विंटल हल्दी लगायी है जिसका उन्हें अनुमान है कि लगभग 22 क्विंटल इसका उत्पाद होगा।

उन्होंने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से उनकी आय तो बढ़ी साथ ही खर्च घटा है। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी प्रेरित किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के लिए बहुत ही संवेदनशील है जो ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में किसानों के लिए बहुत सी कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है जिसके लिए उन्होंने ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का तहे दिल से धन्यवाद किया।

दिन भर की ताजा खबरों के अपडेट के लिए WhatsApp NewsGhat Media के इस लिंक को क्लिक कर चैनल को फ़ॉलो करें।N

Written by News Ghat

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it's all about "आपकी बात"!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Himachal Latest News: नागरिक चिकित्सालय करसोग में 9 साल बाद ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा शुरू

Himachal Latest News: नागरिक चिकित्सालय करसोग में 9 साल बाद ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा शुरू