in

Parenting Tips: बच्चों को छोटी उम्र में सिखाएं Money Manegment, बचपन पड़ेगी निवेश की आदत तो कभी नहीं होगी पैसे के कमी

Parenting Tips: बच्चों को छोटी उम्र में सिखाएं Money Manegment, बचपन पड़ेगी निवेश की आदत तो कभी नहीं होगी पैसे के कमी

Parenting Tips: माता-पिता बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। इसलिए उनके द्वारा बच्चों को कम उम्र से ही पैसे की अहमियत बताई जानी चाहिए, ताकि बच्चे आने वाले समय में पैसे को अच्छे से इस्तेमाल करना सीख जाए।

माता पिता अक्सर अपने बच्चों को पॉकेट मनी के रूप में कुछ पैसे देते हैं। कुछ बच्चे उसे जोड़कर रखने की आदत रखते हैं तो कुछ उनमें से कुछ बच्चे उसे खर्च कर देते हैं।

ऐसे में अगर माता-पिता अपने बच्चों को ऐसे तरीके सिखाएं जिससे बच्चे को आने वाले समय में निवेश करने की आदत बन जाए, तो उन्हें जिंदगी में कभी पैसे की तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Parenting Tips: पिता अपने बच्चे का अच्छा भविष्य सोचते हैं। और असल में मां-बाप ही बच्चे के असली शिक्षक होते हैं। इसलिए हर माता-पिता को अपने बच्चे को कम उम्र से ही पैसे की अहमियत समझा देनी चाहिए।

Plot for sale
Plot for sale

छोटी उम्र में लिए हुए फैसले ही आगे जाकर आदत का रूप लेते हैं। बचपन से ही बच्चों को पैसा जोड़ने की आदत सीखा दी जाए, तो बड़े होने तक उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। इसलिए बेहतर भविष्य के लिए बच्चों को बचपन में ही बचत की सीख देना जरूरी है।

Kidzee 02
Kidzee 02

Parenting Tips: माता-पिता अकसर बच्चों को पानी के रूप में कुछ पैसे अवश्य देते हैं जो बच्चों की आर्थिक शिक्षा का पहला कदम होता है। ऐसे में बच्चे को पैसे जोड़ने और खर्च करने में सीख मिलती है कि उन्हें पैसे का खर्च कैसे और कितना, किस जगह करना है ?

भारतीय बच्चों की पॉकेट मनी औसतन 52 देशों की जीडीपी के बराबर

Republic Day 01
Republic Day 01

एक डाटा के अनुसार भारतीय बच्चों की पॉकेट मनी औसतन 52 देशों की जीडीपी के बराबर थी। पैसा खर्च करने की उचित जानकारी ना होने के कारण बच्चे भविष्य में अकसर कई कठिनाइयों का सामना करते हैं। वैसे तो रोजमर्रा के खर्चों जैसे भोजन, कपड़े या रहने की व्यवस्था के लिए भी पैसा जरूरी है।

यहां आपको वह तरीके बताने वाले हैं जिसके द्वारा आप को अपने बच्चों को पैसा बचाने की आदत सिखा सकते हैं।

बच्चों को पैसे कमाने का मौका दें..

बच्चों को पैसे की अहमियत बताने के लिए आपको अपने बच्चे को पैसा कमाने का अवसर देना होगा। जैसे कि मान लीजिए आप अपने घर में बच्चे को कोई काम दीजिए उसके बदले में उसे पैसा दें, ऐसा करने से आपके बच्चे को पैसे की अहमियत समझ आएगी।

ऐसे में आपके बच्चे को कमाए हुए पैसे में और घर से मिली हुई पॉकेट मनी में फर्क करना समझ आएगा। हालांकि, बच्चों को सभी काम के लिए पैसे देने की जरूरत नहीं है बल्कि कुछ काम आप जिम्मेदारियों के रूप में भी किए जाते हैं।

भारत में लगभग 22,000 करोड़ बच्चों को पॉकेट मनी के रूप में दिए जाते हैं, और इसमें से 50 प्रतिशत बच्चे अपनी पॉकेट मनी बचाते हैं।

समझदारी से खर्च के लिए उन्हें गाइड करें

अपने बच्चे को बच्चे की डिमांड के हिसाब से पॉकेट मनी ना दें। अपने बच्चे को स्मार्ट तरीके से पैसे खर्च करना सिखाना चाहिए।
उनके पॉकेट मनी के रूप में एक निश्चित अमाउंट दें और स्पष्ट करें कि उससे अधिक पैसा उन्हें नहीं मिलेगा।

आपके बच्चे को समझ आएगी कि उसे एक निश्चित अमाउंट में ही अपनी सारी जरूरतें पूरी करनी है। यदि वह अपना कोई काम पूरा नहीं करता है और उसकी जगह उसके पेरेंट्स उसे पूरा करते हैं तो उसके बदले में पेरेंट्स बच्चे से पैसे ले सकते है।

50/30/20 नियम का पालन करें

पैसा बचाना एक बड़ी आदत है, बहुत कम उम्र से पैसे बचाने की आदत डालने से उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि पैसा केवल कमाकर नहीं पाया जा सकता है, बल्कि पैसे को बचाकर भी बड़ा अमाउंट जोड़ा जा सकता है। नियमित रूप से पैसा बचाना जरूरी है. 50/30/20 नियम का पालन करके आप अपने पैसों को तीन बकेट में अलग कर सकते हैं।

क्या है 50/30/20 का नियम

कमाएं हुए पैसों का पचास प्रतिशत ‘जरूरतों’ को पूरा करने में चला जाता है, जिसके लिए बच्चों को अंत में खर्च करना चाहिए।

कमाई का 30 फीसदी हिस्सा फोन और गेम जैसी ‘इच्छाओं’ को पूरा करने में जाता है। तरह के फालतू खर्चों में पैसा उड़ाने की बजाय बड़े होने पर किसी बड़े गोल को पाने में उस पैसे को खर्च करना चाहिए।

बीस प्रतिशत हिस्सा सेविंग के रूप में बचा कर रखना चाहिए इस तरह सेविंग करने से बच्चा आगे तक सेविंग की आदत सीख जाता है।

माता-पिता के मार्गदर्शन से ही बच्चे पैसे की अहमियत सीखते हैं। जिस तरह से पैसों से जुड़े फैसले लेते हैं, उसी तरह उनके बच्चे भी उस तरह की ही शिक्षा लेते हैं।

बच्चों को पर्सनल फाइनेंस के बारे में शिक्षित करना एक लंबी प्रक्रिया है, समय के साथ-साथ थोड़ा थोड़ा करके बताई जाए तो ही बच्चे इस चीज को सीख पाएंगे। बचपन में सिखाई गई पैसे संबंधी यह आदत बच्चे को आगे तक सफल बनाने में बहुत मददगार साबित होगी।

Written by Newsghat Desk

सड़क हादसा : खाई में गिरा सेब से लदा ट्रक, डंगा धंसने से पेश आया हादसा

हिमाचल में हादसा: फ्रिज में हुआ जोरदार धमाका, महिला झुलसी, मकान भी हुआ क्षतिग्रस्त