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Personal Loan On Low Interest: कैसे तय करते हैं बैंक पर्सनल लोन के ब्याज की दरें! अगर ये जान लेंगे तो नही देना पड़ेगा महंगा ब्याज

Personal Loan On Low Interest: कैसे तय करते हैं बैंक पर्सनल लोन के ब्याज की दरें! अगर ये जान लेंगे तो नही देना पड़ेगा महंगा ब्याज

Personal Loan On Low Interest: कैसे तय करते हैं बैंक पर्सनल लोन के ब्याज की दरें! अगर ये जान लेंगे तो नही देना पड़ेगा महंगा ब्याज
Personal Loan On Low Interest: कैसे तय करते हैं बैंक पर्सनल लोन के ब्याज की दरें! अगर ये जान लेंगे तो नही देना पड़ेगा महंगा ब्याज

Personal Loan On Low Interest: कैसे तय करते हैं बैंक पर्सनल लोन के ब्याज की दरें! अगर ये जान लेंगे तो नही देना पड़ेगा महंगा ब्याज

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JPREC-June
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Personal Loan On Low Interest: अपनी विभिन्न वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, अधिकांश व्यक्ति पर्सनल लोन की तलाश करते हैं। हर बैंक अपने ग्राहकों को विभिन्न ब्याज दरों पर पर्सनल लोन प्रदान करता है।

Personal Loan On Low Interest: कैसे तय करते हैं बैंक पर्सनल लोन के ब्याज की दरें! अगर ये जान लेंगे तो नही देना पड़ेगा महंगा ब्याज

Personal Loan On Low Interest: ब्याज दरें ग्राहक के आधार पर भी बदलती हैं। किसी को पर्सनल लोन के लिए ब्याज दर अधिक हो सकती है, जबकि किसी अन्य को कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन मिल सकता है।

पर्सनल लोन की ब्याज दर कई कारकों पर आश्रित होती है, जिनमें से कुछ हैं – क्रेडिट हिस्ट्री, सिबिल स्कोर आदि। आइए हम जानते हैं कि कौन से मानदंड हैं जिनके आधार पर आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर तय होती है।

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आय का स्रोत महत्वपूर्ण होता है

एक बैंक लोन देने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहता है कि लोन लेने वाला व्यक्ति उसे वापस चुकाने में सक्षम है या नहीं।

इसके लिए, सबसे पहले आपकी आय को देखा जाता है। आपकी आय के आधार पर ही बैंक या वित्तीय संस्थान यह तय करता है कि आपको पर्सनल लोन देने में कितना जोखिम है।

आपकी आय और लोन की मांग को देखते हुए, बैंक आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर तय करता है।

सिबिल स्कोर भी महत्वपूर्ण होता है

सिबिल स्कोर आपके पूर्व में लिए गए लोन और क्रेडिट कार्ड के इतिहास को देखकर बनाया जाता है। इससे बैंक तय करता है कि आपको कितनी राशि का लोन देना सुरक्षित होगा।

आपका सिबिल स्कोर जितना उच्च होगा, उत्तम ब्याज दर पर लोन प्राप्त करने की संभावना उत्तम होगी। सामान्यतः, 750 या उससे अधिक सिबिल स्कोर को श्रेष्ठ माना जाता है। इसलिए, आपको उच्च सिबिल स्कोर बनाए रखना चाहिए।

अर्थव्यवस्था की स्थिति और आपकी वफादारी

सभी बैंकों की ब्याज दरें आरबीआई की रेपो रेट से प्रभावित होती हैं। रेपो रेट के बदलने से बैंकों की ब्याज दरें भी बदलती हैं, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर पर पड़ता है।

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इसके साथ ही, यदि आपका पहले से कोई लोन चल रहा है, तो इसका भी विचार किया जाता है कि आप और कितने कर्ज का भार सहन कर सकते हैं।

लोन देते समय बैंक या वित्तीय संस्थान यह भी देखता है कि आपके पिछले संबंध कैसे रहे हैं। अगर आपने अपने पिछले ऋण की किस्तें समय से चुकाई हैं और बैंक के साथ आपका अच्छा व्यवहार रहा है, तो आपको कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।

अतिरिक्त, देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति और बाजार के अन्य कारक भी पर्सनल लोन की ब्याज दर पर प्रभाव डालते हैं। इसलिए, यह अहम है कि आप इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखें जब आप पर्सनल लोन लेने का विचार कर रहें हों।

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Written by newsghat

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