गिरिपार के वीर सपूत कपिल को अंतिम विदाई, पूरे सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव रवाना
गिरिपार क्षेत्र ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया। भारतीय सेना में जम्मू-कश्मीर में तैनात ग्रेनेडियर कपिल की पार्थिव देह शनिवार सुबह पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव के लिए रवाना की गई। पांवटा साहिब में शहीद को नम आंखों से अंतिम सलाम किया गया।

भारतीय सेना के जवान ग्रेनेडियर कपिल सड़क हादसे में शहीद हो गए थे। 22 जनवरी को मिलिट्री अस्पताल देहरादून में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शहादत की खबर से पूरे गिरिपार क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
शनिवार तड़के उनकी पार्थिव देह पांवटा साहिब पहुंची। यहां भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा–शिलाई क्षेत्र और सैन्य टुकड़ी की ओर से पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया गया। शहीद की देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।


इस दौरान ‘शहीद कपिल अमर रहें’ के नारों से माहौल गूंज उठा। राष्ट्रभक्ति और सम्मान से भरे वातावरण में काफिला उनके पैतृक गांव पटना के लिए रवाना हुआ। लोगों की आंखें नम थीं और दिल गर्व से भरे हुए थे।
भूतपूर्व सैनिक संगठन ने शहीद की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को ही शहीद कपिल का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव पटना, डाकघर बिंडला-दिगवा, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर में होगा।
इस मौके पर भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब–शिलाई क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष व सलाहकार वीरेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष रामभज धीमान, मीडिया प्रभारी जगदीश सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा नरेंद्र ठुंडू, संतराम चौहान, मामराज चौहान, नेतर चौहान, स्वर्णजीत, दिनेश कुमार, सुखविंदर सिंह, सुनील चौहान, अब्दुल, दीपचंद, राकेश और संत सिंह सहित अनेक सैनिक, पूर्व सैनिक और सैकड़ों गणमान्य लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
पूरे क्षेत्र ने एक स्वर में वीर सपूत को अंतिम सलाम किया।


