पांवटा साहिब में स्वच्छता पर विशेष कार्यशाला, घर-घर कचरा अलग करने पर जोर
पांवटा साहिब नगर परिषद के मीटिंग हाल में शहरी विकास विभाग हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में स्वच्छता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन स्वच्छता नॉलेज पार्टनर हिमालयन इंस्टीट्यूट फॉर एनवायरनमेंट, इकोलॉजी एंड डेवलपमेंट ने किया।

कार्यशाला में स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यों और घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले सफाई कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का मुख्य फोकस कचरे के स्रोत पर पृथक्करण और स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी रहा।

विशेषज्ञ श्री पी.डी. भाटिया ने गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि सही पृथक्करण से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली मजबूत होती है और शहर की रैंकिंग बेहतर होती है।


प्रतिभागियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। परिषद क्षेत्र में स्वच्छता मानकों को सुधारने में सफाई मित्रों और आम नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया गया।
परिषद की ओर से वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी श्रीमती कंचन बाला उपस्थित रहीं। जिला समन्वयक (SBM) विनोद शर्मा, स्वास्थ्य निरीक्षक सुशील शर्मा, कम्युनिटी ऑर्गेनाइज़र विनीता सहित सफाई मित्र भी मौजूद रहे।

कार्यशाला को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया गया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इससे सामुदायिक सहभागिता बढ़ेगी और स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती मिलेगी।
नगर परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें। कचरे को खुले में न फेंकें, न जलाएं और न ही दबाएं। सफाई कर्मियों को सहयोग देने की भी अपील की गई है।
परिषद ने कचरा संग्रहण की नई व्यवस्था की जानकारी भी साझा की। एक जनवरी 2026 से संशोधित कलेक्शन सिस्टम लागू है। मंगलवार और शुक्रवार को केवल सूखा कचरा घरों और दुकानों से उठाया जाता है।
अन्य सभी दिनों में गीला कचरा एकत्र किया जा रहा है। यदि किसी क्षेत्र से समय पर कचरा नहीं उठता, तो नागरिक समाधान सेल नंबर 9805107701 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
परिषद का कहना है कि जनभागीदारी से ही शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है।


