Asha Hospital
Holi 2026
in

पास पड़ोस : बढ़ रहे हैं ब्लैक फंगस के केस, अब व्हाइट फंगस का भी खतरा..

पास पड़ोस : बढ़ रहे हैं ब्लैक फंगस के केस, अब व्हाइट फंगस का भी खतरा..

क्या है व्हाइट फंगस, एस्परजिलोसिस के मामले आए सामने….

इन कारणों से बढ़ी फंगस संक्रमण की आशंका…

न्यूज़ घाट/देहरादून

ब्लैक फंगस के बाद व्हाइट फंगस और एस्परजिलोसिस के मामले भी सामने आने लगे हैं। बड़ी संख्या में लोग जानलेवा फंगस की चपेट में आ रहे हैं।

Indian Public School

भारत में तीन तरह के ट्रू पैथोजेनिक सिस्टेमिक फंगस बेहद घातक होते हैं। ये फंगस हमारे आसपास ही पनपते हैं, इसलिए केवल सावधानी से ही इनसे बचा जा सकता है।

Doon valley school

मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के चलते फंगस संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि अधिकांश फंगस संक्रमण में एंटीफंगल दवाएं कारगार होती हैं।

माक्रोबायोलोजी विशेषज्ञों के अनुसार देश में ट्रू पैथोजेनिक सिस्टेमिक फंगस के हिस्टो प्लाज्मा, ब्लॉस्टोमाइटिस डर्मेटाइडिटिस, पेनिसिलियम मार्नेफाइ (केवल मणिपुर) में तीन प्रकार मिलते हैं।

JPERC 2025
Holi 2026 -3

ये फंगस फेफड़ों को संक्रमित और बुखार पैदा करता है। यदि यह ब्लड में चला गया तो कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ….

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान (एम्स) ऋषिकेश के ईएनटी विभाग के डॉ अमित त्यागी बताते हैं कि देश में इस समय में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस), व्हाइट फंगस (कैंडिड) व एस्परजिलोसिस मामले सामने आ रहे हैं। म्यूकोरमाइकोसिस ग्रुप और फंगस है। ये सभी अवसरवादी फंगस हैं।

हिमाचल में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाए जाने व शादियों पर क्या बोले सीएम जयराम ठाकुर

अब उचित मूल्य की दुकानों को खुलने-बंद करने की समयावधि की निर्धारित….

ये लंबे समय तक प्रतिरोधक क्षमता कम, स्टीरॉयड व इम्युनोसप्रेसेंट का अत्यधिक प्रयोग करने वाले मरीजों पर अटैक करते हैं।

डॉ अमित त्यागी का कहना है कि अगर समय पर मरीज की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है और समय पर इलाज मिलता तो उसके स्वस्थ होने की संभावना प्रबल होती है।

शरीर के कौन से हिस्सों पर अटैक करता है फंगस….
ब्लैक फंगस आम तौर पर आंख, नाक, फेफड़ों, मष्तिष्क, जबड़ों को प्रभावित करता है।

अब पांवटा साहिब में युवक ने लगाया फंदा, मौत…

हिमाचल में ब्लैक फंगस के दूसरे मामले की पुष्टि…

वहीं, व्हाइट फंगस (कैंडिड) त्वचा, फेफड़ों व खून में संक्रमण, मुंह में छाले आना, अल्सर, यूरिनल, गैस्ट्रो सिस्टम को प्रभावित करता है।

एस्परजिलोसिस फंगस-फेफड़ों और श्वास की नली को प्रभावित करता है। यह आंख में कॉर्निया को प्रभावित कर सफेद कर देता है, जो अंधेपन का कारण हो सकता है।

क्या है ब्लैक फंगस के लक्षण

ब्लैक फंगस में कई तरह के लक्षण देखे जाते हैं, आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस में तकलीफ, उल्टी में खून या मानसिक स्थिति में बदलाव।

क्या हैं व्हाइट फंगस के लक्षण

व्हाइट फंगस के आम तौर पर देखे जाने वाले लक्षणों में सिर में तेज दर्द, नाक बंद, पपड़ी सी जमना, उल्टियां, आंखें लाल होना, सूजन, जोड़ों पर तेज दर्द और ब्रेन पर असर होने मानसिक स्थिति में बदलाव शामिल है।

एस्परजिलोसिस के लक्षण

छाती और हड्डियों में दर्द, देखने में समस्या, पेशाब कम आना, पेशाब में खून आना, सिरदर्द, ठंड लगना, त्वचा में घाव और कफ बनना।

फंगस संक्रमण से बचाव- धूल-मिट्टी भरी कंस्ट्रक्शन साइट पर न जाएं। मास्क जरूर पहनें, बागवानी, मिट्टी से जुड़ा काम करते वक्त जूते, फुल पैंट्स-शर्ट और दस्ताने पहनें। पर्सनल हाईजीन का ध्यान रखें।

रोजाना अच्छी तरह नहाएं, स्टीरॉयड का प्रयोग सावधानी पूर्वक करें, ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखें। एचआईवी मरीज और इम्युनोस्प्रेसेंट ले रहे मरीज चिकित्सक की सलाह लेते रहे।

क्यों मुश्किल है व्हाइट फंगस की पहचान

इसके लिए जब मरीज का सीटी स्कैन किया जाता है, तो मरीजों के फेफड़ों में कोरोना जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में दोनों ने अंतर करना मुश्किल हो जाता है।

हालांकि मरीजों की रैपिड एंटीजन और आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आती है।

अगर सीटी स्कैन में कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो बलगम का कल्चर कराने से व्हाइट फंगस की पहचान की जा सकती है।

इन मरीजों को बनाता है शिकार

जानकारों के अनुसार व्हाइट फंगस की चपेट में वे कोरोना मरीज आ रहे हैं, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

इसके अलावा डायबिटीज, एंटीबायोटिक का सेवन या काफी समय तक स्टीरॉयड लेने से मरीज संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। कैंसर के मरीजों को भी इस फंगस से सावधान रहने की जरूरत है।

हिमाचल सरकार ने भी ब्लैक फंगस महामारी घोषित किया….

ब्लैक फंगस क्या है..? ब्लैक फंगस के लक्षण व उपचार क्या हैं ?

Written by newsghat

2 Comments

हिमाचल में ब्लैक फंगस के दूसरे मामले की पुष्टि…

हिमाचल में ब्लैक फंगस के दूसरे मामले की पुष्टि…

शर्मनाक : जब बुजुर्ग महिला का शव डंडे से बांध सड़क तक पहुंचाना पड़ा..

शर्मनाक : जब बुजुर्ग महिला का शव डंडे से बांध सड़क तक पहुंचाना पड़ा..