महिला दिवस पर CM सुक्खू की बड़ी घोषणाएं: क्लास-3 नौकरियों में 25% महिला आरक्षण, नाहन मेडिकल कॉलेज को 500 करोड़

नाहन/शिमला: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने सरकारी विभागों के क्लास-थ्री पदों में महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा भी की। साथ ही नाहन मेडिकल कॉलेज के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण है। इसी सोच के साथ कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें महिलाओं को केंद्र में रखा गया है।


उन्होंने बताया कि महिलाओं के पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए मिलने वाली राशि 65 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है। इसके अलावा महिला सम्मान राशि भी एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों को बेटों के समान अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में पैतृक संपत्ति में बेटियों को 150 बीघा तक अधिकार देने का प्रावधान किया गया है।


उन्होंने बताया कि विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ के तहत उठा रही है। यह योजना महिलाओं के जीवन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि पीजी कॉलेज नाहन में अगले शैक्षणिक सत्र से एमएससी जियोलॉजी, एमबीए और एमए हिस्ट्री की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। पुलिस भर्ती में भी महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को 1500 रुपये मासिक पेंशन देने के प्रस्ताव पर सरकार अगले वर्ष विचार करेगी।
आपदा राहत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए नियमों में बदलाव कर मुआवजा राशि बढ़ाई गई। घरों के पुनर्निर्माण के लिए सात लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की गई।
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आरडीजी के तहत मिलने वाली 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता बंद कर दी गई है। इससे हिमाचल जैसे छोटे राज्य पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। समाज में लैंगिक भेदभाव समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि महिलाओं का समाज के विकास में अहम योगदान है। आज शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
विधायक विनय कुमार और अजय सोलंकी ने भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठा रही है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।




