शिलाई: NSG कमांडो रहे वीर दीप राम को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गांव में शोक की लहर

शिलाई क्षेत्र के ढाड़स गांव के वीर भूतपूर्व सैनिक और एनएसजी कमांडो हवलदार दीप राम (रिटायर्ड) को शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है।

जानकारी के अनुसार, दीप राम बच्चों की पढ़ाई के सिलसिले में नाहन गए थे। 2 अप्रैल को अचानक उन्हें हृदयाघात हुआ। उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज नाहन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

निधन की खबर मिलते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया। हर आंख नम नजर आई। क्षेत्रवासियों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया।


4 अप्रैल को उनके पैतृक गांव ढाड़स में अंतिम संस्कार किया गया। उनके 8 वर्षीय पुत्र उद्दीश और भतीजे तपेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से मुखाग्नि दी। इस दौरान सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी गई।
अंतिम यात्रा गांव से स्वर्गधाम आश्रम तक निकाली गई। “दीप राम अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से माहौल गूंज उठा।


दीप राम का जन्म 1977 में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 1997 में 10वीं डोगरा रेजिमेंट में भर्ती होकर सेना में सेवा शुरू की।
उन्होंने कारगिल युद्ध में भाग लिया और 24 वर्षों तक देश की सेवा की। सियाचिन ग्लेशियर और गलवान घाटी जैसे कठिन क्षेत्रों में भी तैनात रहे।
अपने करियर में उन्होंने एनएसजी कमांडो के रूप में भी सेवाएं दीं। उनकी बहादुरी और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।
वह अपने पीछे पत्नी सरिता देवी, चार बच्चों और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं।
अंतिम संस्कार में सेना के जवान, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।




