हिमाचल में एंबुलेंस सेवाएं आज से ठप: 108-102 कर्मियों की 7 दिन की हड़ताल शुरू

शिमला | हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने वाला है। 108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों ने 5 अप्रैल से 7 दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। इससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

राज्य स्तरीय एंबुलेंस कांट्रेक्ट यूनियन के आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। हड़ताल 5 अप्रैल शाम 8 बजे से शुरू होकर 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान प्रदेशभर में एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका है।

यूनियन के मुताबिक, 6 से 10 अप्रैल तक शिमला में 120 घंटे का दिन-रात महापड़ाव भी आयोजित किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में एंबुलेंस कर्मी हिस्सा लेंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।


हड़ताल का आह्वान सीटू (CITU) के समर्थन से किया गया है। कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी हो रही है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
यूनियन के महासचिव बालकराम ने बताया कि न्यूनतम वेतन, नौकरी की सुरक्षा और बकाया भुगतान जैसे मुद्दों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। कई कर्मचारियों को बिना ठोस कारण नौकरी से निकाले जाने का भी आरोप लगाया गया है।


कर्मियों का कहना है कि उन्हें मानसिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। वेतन विसंगतियों को लेकर भी कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
यूनियन ने दावा किया कि हड़ताल से पहले सरकार और कंपनी को 14 दिन का नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद बातचीत के लिए कोई पहल नहीं की गई, जिससे मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा।
हड़ताल के चलते गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और सड़क हादसों के मामलों में तुरंत सहायता मिलने में देरी हो सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
अब देखना होगा कि सरकार और कंपनी इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाती हैं और कब तक एंबुलेंस सेवाएं सामान्य हो पाती हैं।



