Trump Tariff Break: अमेरिका में आया आर्थिक और कानूनी भूचाल! ट्रंप की अवैध टैरिफ नीति बन्द

Trump Tariff Break: विश्व की सबसे शक्तिशाली अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। जी हां, संयुक्त राज्य अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ नीतियों को अवैध घोषित कर दिया है। मतलब अब डोनाल्ड ट्रंप को दुनिया भर से अवैध टैरिफ लेना बंद करना होगा।

Trump Tariff Break: अमेरिका में आया आर्थिक और कानूनी भूचाल! ट्रंप की अवैध टैरिफ नीति बन्द
वे सारे समझौते जिनको डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापारिक समझौतों के रूप में साइन किया था उन सारे समझौतों को अब रद्द कर दिया जाएगा। भारत, चीन ,जापान ,यूरोपीय यूनियन और अन्य देशों से डोनाल्ड ट्रंप अब तक जो भारी भरकम टैरिफ वसूल रहे थे अब वह बंद कर दिया जाएगा।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का निर्णय?
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 बहुमत से यह निर्णय लिया है कि ट्रम्प प्रशासन ने जिस प्रकार अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। यह गंभीर अपराध है। अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून का आपातकाल बताया है। उन्होंने बताया कि ट्रंप देश को राष्ट्रीय संकट में डालने की कोशिश कर रहे हैं। दुनिया भर से इतना भारी भरकम टैरिफ लेना यह अमेरिका के लिए घाटे का सौदा हो सकता है।


अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रकार का बड़ा टैरिफ लेने का अधिकार केवल संघीय कांग्रेस के पास है। अकेले राष्ट्रपति के पास नहीं। इसीलिए कोर्ट ने ट्रंप से टैरिफ लगाने के हक छीन लिए हैं। अदालत ने यह भी कहा है कि ऐसे निर्णय युद्ध की स्थिति में लिए जाते हैं। पर फिलहाल अमेरिका में कोई युद्ध नहीं छेड़ा गया है और ना ही कोई आपातकालीन स्थिति बन आई है।
अमेरिका सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से क्या बदलेगा?
सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होने के बावजूद भी अगले तीन दिन तक अमेरिका टैरिफ ले ही रहा था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने फाइनल डिसीजन दे दिया है। 24 फरवरी 2026 की आधी रात से ही टैरिफ नीति को बंद कर दिया जाएगा और अमेरिका के कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन को टैरिफ को पूरी तरह से लेना बंद करना होगा।

मतलब अदालत का आदेश अब सम्पूर्ण अमेरिका में लागू किया जाएगा। जिसका पालन सभी को करना होगा। हालांकि इस निर्णय के बाद अब एक और सवाल आकर खड़ा हो गया है कि इससे पहले अमेरिका ने जो भारी भरकम टैरिफ वसूला था क्या उसे वापस किया जाएगा?
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला वित्तीय रूप से क्यों बड़ा है ?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिया गया यह फैसला केवल ट्रंप की रणनीति को चुनौती नहीं है। बल्कि असल में यह दुनिया भर के उन देशों के लिए राहत की बात है जो अब तक भारी भरकम टैरिफ भर रहे थे। विशेषज्ञों की माने तो ट्रंप की इस टैरिफ नीति से अमेरिका का खजाना रोजाना $500 मिलियन डॉलर की आय प्राप्त कर रहा था।
मतलब अब तक अमेरिका के पास $175 बिलियन का राजस्व इकट्ठा हो चुका है। लेकिन इसकी वजह से अन्य देशों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा था। खासकर अन्य देशों के कारोबारी के कारोबार ठप्प होने की कगार पर आ गए थे जिसके चलते यह निर्णय काफी फायदेमंद साबित होने वाला है।
ट्रंप की अगली रणनीति
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने भी जवाबी कार्यवाही कर दी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की बात मानते हुए टैरिफ को कम करने के साथ-साथ टैरिफ को उच्चतम बनाए रखने का भी निर्णय ले लिया है। उन्होंने व्यापार कानून के तहत 15% वैश्विक टैरिफ लागू करने का ऐलान कर दिया गया है। ट्रंप ऐसे-ऐसे कानून का प्रयोग कर रहे हैं जो अब तक कभी उपयोग में लाये नहीं गए थे। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि अब अमेरिका सख्त व्यापार नीति अपनाएगा। भले ही उसके लिए उन्हें कुछ भी करना पड़े।
निष्कर्ष
24 फरवरी 2026 से भारत, चीन, जापान और अन्य यूरोपियन देशों समेत सभी का टैरिफ रद्द हो जाएगा। लेकिन ट्रंप की दूसरी रणनीति के चलते 15% वैश्विक टैरिफ भरना ही पड़ेगा। अब देखना यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के इस निर्णय का क्या करती है? क्या दुनिया के अन्य देशों को अभी भी भारी भरकम टैरिफ का भुगतान करना होगा?
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