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Mobile Addiction: बच्चा है मोबाइल एडिक्शन का शिकार तो हो जाएं सावधान! हो रहीं ये बीमारियां, यह तरिके अपनाकर छुड़ाए लत

Mobile Addiction: बच्चा है मोबाइल एडिक्शन का शिकार तो हो जाएं सावधान! हो रहीं ये बीमारियां, यह तरिके अपनाकर छुड़ाए लत

Mobile Addiction: बच्चा है मोबाइल एडिक्शन का शिकार तो हो जाएं सावधान! हो रहीं ये बीमारियां, यह तरिके अपनाकर छुड़ाए लत

Mobile Addiction: बच्चा है मोबाइल एडिक्शन का शिकार तो हो जाएं सावधान! हो रहीं ये बीमारियां, यह तरिके अपनाकर छुड़ाए लत

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Mobile Addiction: अगर आपके बच्चे को भी मोबाइल की लत है तो आपको सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि यह बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। बच्चों की उँगलियाँ किताबों से पहले स्क्रीन को पहचानने लगी हैं और डिजिटल दुनिया उनकी सोच, पढ़ाई और व्यवहार को लगातार प्रभावित कर रही है।

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Mobile Addiction: बच्चा है मोबाइल एडिक्शन का शिकार तो हो जाएं सावधान! हो रहीं ये बीमारियां, यह तरिके अपनाकर छुड़ाए लत

कुछ पेरेंट्स बच्चों को शुरू से ही मोबाइल की आदत डाल रहे हैं और उनकी यही आदत धीरे-धीरे लत में बदल जाती है। आजकल लगभग हर बच्चा मोबाइल फोन का उपयोग कर रहा हैं, जो एक गंभीर समस्या बन गई है। मां-बाप छोटे बच्चों को बहलाने के लिए उनके हाथ में मोबाइल फोन थमा देते हैं और बच्चे को धीरे-धीरे मोबाइल की लत लग जाती है।

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ऐसे में जब पेरेंट्स बच्चे के हाथ से मोबाइल छुड़ाने की कोशिश करते हैं तो बच्चे चिल्लाना और ज़ोर-ज़ोर से रोना शुरू कर देते है। ऐसे में बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए पेरेंट्स को सख्त कदम उठाने होंगे। बच्चों को अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखना और खुद रोल मॉडल बनना आवश्यक है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि बच्चों में मोबाइल की लत के क्या प्रभाव पड़ते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

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मोबाइल की लत से बच्चों में समस्याएं
मानसिक स्वास्थ्य पर असर: मोबाइल की लत से चिंता, तनाव, अवसाद और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है।
नींद में खलल: फोन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जिससे अनिद्रा और थकान बनी रहती है।
शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएं: लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सूखापन, और धुंधली दृष्टि की समस्या हो सकती है। गलत मुद्रा में फोन चलाने से गर्दन और पीठ में दर्द की समस्या होती है।
कार्यकुशलता में कमी: काम या पढ़ाई के दौरान बार-बार फोन चेक करने से एकाग्रता भंग होती है, जिससे प्रदर्शन खराब होता है।
सामाजिक और व्यावहारिक प्रभाव: आमने-सामने की बातचीत कम होने से सामाजिक अलगाव और पारिवारिक रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं।

मोबाइल की लत कम करने के प्रभावी तरीके
शारीरिक गतिविधियां: बच्चों को बाहर खेलने, दौड़ने, स्विमिंग, डांस क्लास या साइकिलिंग में व्यस्त रखें, जिससे ध्यान मोबाइल से हटे।
रचनात्मक गतिविधियां: बच्चों को कहानियों की किताबें पढ़ने, आर्ट-क्राफ्ट, ड्रॉइंग या बोर्ड गेम खेलने के लिए प्रेरित करें।
स्क्रीन समय सीमा तय करें: बच्चों को बताएं कि फोन सिर्फ पढ़ाई या थोड़ी देर मनोरंजन के लिए है, न कि लगातार इस्तेमाल के लिए।
माता-पिता उदाहरण बनें: बच्चे अपने माता-पिता की नकल करते हैं। इसलिए, बच्चों के सामने खुद भी मोबाइल का कम इस्तेमाल करें।
बातचीत बढ़ाएं: परिवार के साथ समय बिताएं, बच्चों से बात करें और उन्हें बताएं कि स्क्रीन के अलावा और भी बहुत सी मजेदार चीजें हैं।

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Written by News Ghat

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