Ayurvedic Doctor Course : देश-विदेश में बढ़ रही है आयुर्वेदिक डॉक्टर की मांग! जानिए 12वीं के बाद कैसे बने आयुर्वेदिक डॉक्टर
Ayurvedic Doctor Course : आयुर्वेदिक चिकित्सा एक काफी पुरानी चिकित्सा पद्धति मानी जाती है। यहां तक की आयुर्वेद को ही चिकित्सा शास्त्र का जनक माना जाता है। ऐसे में बदलते दौर में अब आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की मांग में भी वृद्धि देखी जा रही है।

Ayurvedic Doctor Course : देश-विदेश में बढ़ रही है आयुर्वेदिक डॉक्टर की मांग! जानिए 12वीं के बाद कैसे बने आयुर्वेदिक डॉक्टर
देश नहीं बल्कि विदेशों में भी Ayurvedic Doctor की काफी मांग हो चुकी है। यह एक ऐसा पेशा बन चुका है जहां पैसे के साथ-साथ सम्मान भी मिलता है। तो यदि आप MBBS करने के ऑप्शन ना चुनते हुए आयुर्वेद में चिकित्सा विशेषज्ञ बनना चाहते हैं तो यह आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प सिद्ध हो सकता है।

MBBS और BAMS को मिल रहा एक समान दर्जा
आज से कुछ समय पहले जब आयुर्वेद को केवल एक विकल्प माना जाता था तब NEET में कम अंक आने वाले विद्यार्थी ही BAMS मतलब बैचलर आफ आयुर्वैदिक मेडिसिन के कोर्स में दाखिला लेते थे परंतु अब आयुर्वेद की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए काफी सारे छात्र 12वीं के पश्चात NEET देकर MBBS की बजाय इसी कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।


यह कोर्स भी अब काफी ख्याति प्राप्त कर चुका है तो यदि आप इस कोर्स को पूरा करना चाहते हैं और बैचलर आफ आयुर्वैदिक मेडिसिन एंड सर्जरी में दाखिला लेना चाहते हैं तो आज का हमारा यह लेख आपके लिए काफी उपयोगी सिद्ध हो सकता है। यहां हम आपको बताएंगे कि किस प्रकार आप आयुर्वेद के कोर्स से कैरियर का निर्माण कर सकते हैं।
कैसे बने Ayurvedic Doctor ?
जैसा कि हमने आपको बताया आयुर्वेद को करियर के विकल्प के रूप में चुनने के लिए सबसे पहले आपको बैचलर आफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी के कॉलेज में दाखिला लेना होगा। यह कोर्स पूरे 5. 5 साल का होता है। कोर्स पूरा होने के बाद इसमें भी 1 साल की इंटर्नशिप करनी पड़ती है।

भारत के साथ-साथ अब आयुर्वेद ज्ञाताओं को विदेशों में भी ऑफर दिए जा रहे हैं। ऐसे में आयुर्वेद में बैचलर आफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी BAMS का कोर्स पूरा करने के पश्चात आप अपनी खुद की प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं अथवा यदि आप चाहे तो विभिन्न हेल्थ सेंटर के साथ जुड़कर भी अपनी प्रेक्टिस आरंभ कर सकते हैं।
BAMS करने के बाद छात्र चाहे तो पोस्ट डॉक्टोरल और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स पूरा कर रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में काम कर सकते हैं और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी या फार्मास्यूटिकल कंपनियों के साथ मिलकर अपनी प्रैक्टिस करते हुए अनुसंधान क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं।
Ayurvedic Doctor बनने के लिए योग्यता
● यदि आप Ayurvedic Doctor बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप PCM अर्थात फिजिक्स ,केमिस्ट्री ,मैथ्स के साथ 12वीं उत्तीर्ण करें ।
● इसके साथ ही आपके 12वीं में हासिल किए गए अंक बेहतरीन होने चाहिए।
● वही आपको NEET या राज्य स्तरीय एंट्रेंस मेडिकल परीक्षाएं उत्तीर्ण करनी होगी।
● इसके पश्चात आप को बैचलर आफ आयुर्वैदिक मेडिसिन एंड सर्जरी के 5.5 साल की डिग्री + 1 साल का इंटर्नशिप पूरा करना होगा।
● इंटर्नशिप पूरा होने के बाद आपको राष्ट्रीय आयुर्वेदिक परिषद या केंद्रीय आयुर्वेदिक परिषद में रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
● यदि आप आयुर्वेद में मास्टर्स करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए आगे पढ़ाई करनी होगी।
Ayurvedic Doctor बनने के लिए कौन-कौन सी प्रवेश परीक्षाएं देनी होती है
● NEET UG
● ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट
● उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा
● आंध्र प्रदेश इंजीनियरिंग एग्रीकल्चर एंड मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
● कर्नाटक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
● महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
● झारखंड कंबाइंड एंटरेंस प्रवेश परीक्षा
● बिहार संयुक्त प्रवेश परीक्षा
Ayurvedic Doctor की सैलरी कितनी होती है?
Ayurvedic Doctor की सैलरी एलोपैथिक डॉक्टर से कम नहीं होती। यहां भी एलोपैथिक डॉक्टर की तरह ही प्रैक्टिस के आधार पर सैलरी का पैमाना तय किया जाता है अर्थात शुरुआती तौर पर आयुर्वेदिक डॉक्टर को 2 लाख से ₹400000 सालाना मिलते हैं वही अनुभव के आधार पर यह सैलरी 15 से 30 लाख रुपए तक हर साल हो जाती है।
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