Dream11 की बढ़ती लोकप्रियता से वित्तीय विशेषज्ञ चिंतित, मांग रहे सख्त नियम
IPL के साथ बढ़ा फैंटेसी गेमिंग का क्रेज, युवाओं पर असर
नई दिल्ली: IPL शुरू होते ही Dream11 का जादू भारत में छा गया है। एक रिपोर्ट कहती है कि Dream11 के खातों की संख्या डीमैट खातों से भी ज्यादा हो गई है। वित्तीय विशेषज्ञ इसे लेकर चिंतित हैं।
युवाओं में बढ़ रहा जुए का खतरा
Dream11 पर 22 करोड़ लोग खेल रहे हैं, जबकि डीमैट खाते सिर्फ 18.5 करोड़ हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड युवाओं को जुए की ओर ढकेल रहा है। निवेश की आदतें भी बदल रही हैं।
सेलिब्रिटी प्रमोशन से भटक रहे युवा
बॉलीवुड सितारे और क्रिकेटर Dream11 का जोर-Vश प्रचार कर रहे हैं। इससे युवा प्रभावित होकर इसमें शामिल हो रहे हैं। पिछले साल 15 करोड़ यूजर्स थे, अब यह संख्या बढ़कर 22 करोड़ हो गई है।
सरकार से सख्त नियमों की मांग
विशेषज्ञ कहते हैं कि Dream11 पर समय और पैसे की सीमा तय होनी चाहिए। नुकसान की चेतावनी देना जरूरी है। 18 साल से कम उम्र वालों पर रोक लगे। टैक्स भी लागू हो।
भ्रामक प्रचार पर रोक जरूरी
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगे। युवाओं को फाइनेंशियल लिटरेसी सिखाई जाए। सरकार को इसे शेयर बाजार की तरह रेगुलेट करना चाहिए।
अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
अगर सख्त कदम नहीं उठे, तो युवा लंबे निवेश की बजाय तुरंत फायदे की ओर जाएंगे। इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है। सरकार को इसे अपने नियंत्रण में लेना चाहिए।
जागरूकता की जरूरत
स्कूल-कॉलेजों में फाइनेंशियल प्रोग्राम चलें। युवाओं को संपत्ति का महत्व समझाया जाए। Dream11 से धोखाधड़ी रोकने के लिए कड़े कदम उठें।
भविष्य पर सवाल
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना नियमों के Dream11 का क्रेज बढ़ेगा। इससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। क्या सरकार समय रहते कदम उठाएगी?