Himachal News : हिमाचल की थाली की शान बना कचनार! ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक डिमांड, जानिए भाव

Himachal News : हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक कचनार की कलियों की भारी डिमांड देखी जा सकती है। राज्य में कचनार का सीजन अपने चरम पर है।

Himachal News : हिमाचल की थाली की शान बना कचनार! ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक डिमांड, जानिए भाव
कचनार न केवल स्वाद में बेहतरीन होता है बल्कि यह अपने औषधीय गुणों के लिए भी जानी जाती है। यही कारण है कि इसकी डिमांड भी गर्मियों का मौसम शुरू होने के साथ ही बढ़ जाती है, जिसे लोग बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं।

बड़ी बात यह है कि यह पेड़ प्राकृतिक रूप से जंगलों में खुद ही उगता है। यह पेड़ मुख्य रूप से मार्च-अप्रैल में गुलाबी या सफेद फूलों से खिलता है। हालाँकि ग्रामीण कचनार को खिलने से पहले ही इसकी कलियों को तोड़कर बाजारों में सेल करते हैं, इसके उन्हें बेहतरीन दाम भी मिलते हैं।


बाजार में महंगे दामों पर बिकता है कचनार
सिरमौर, सोलन, शिमला, कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी की सब्जी मंडियों में कचनार की कलियां महंगे भाव में बिकती है। इस सीजन में कचनार को ₹80 से ₹140 प्रति किलो तक भाव मिले है।
कचनार का सीजन बेहद छोटा होता है, जिसके कारण लोग इसे बड़े चाव से खरीदते हैं। स्थानीय लोग न केवल इसकी सब्जी बनाते हैं, बल्कि इसका रायता और अचार भी साल भर के लिए तैयार किया जाता है।


औषधीय गुणों का भंडार
बता दें कि इसकी कच्ची कलियों का उपयोग सब्जी/अचार के रूप में तो होता ही है। साथ ही यह थायराइड, पाचन और त्वचा विकारों के लिए एक कारगर आयुर्वेदिक औषधि (औषधीय गुण) है। इसके फूल, कलियाँ और छाल गले की टॉन्सिल, खराश, सूजन और थायराइड के लिए उपयोगी माने जाते हैं।
यह खून को साफ करने और त्वचा रोगों (फोड़े-फुंसी) को दूर करने में सहायक है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन सुधारता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। जोड़ों के दर्द और महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में भी इसे प्रभावी माना गया है।

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it’s all about “आपकी बात”!



