Himachal News: जाखू मंदिर का होगा जीर्णोद्धार! सरकार ने दी सैंद्धांतिक मंजूरी, जानिए क्या है मंदिर का इतिहास
Himachal News: शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य जल्द ही शुरू होगा। मंदिर के जीर्णोद्धार से जुड़े प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार ने सैंद्धातिक मंजूरी दे दी। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5 करोड़ 67 लाख 14 हजार 944 रूपये है। अब इस प्रोजेक्ट को नगर निगम शिमला के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा ताकि मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल सके।

Himachal News: जाखू मंदिर का होगा जीर्णोद्धार! सरकार ने दी सैंद्धांतिक मंजूरी, जानिए क्या है मंदिर का इतिहास
प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सैंद्धातिक मंजूरी देते हुए कहा कि ये खर्च श्री हनुमान जी मंदिर न्यास जाखू अपने स्त्रोतों के माध्यम से करेगा। ऐसे में पिछले कई सालों से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में यहां पर मौजूद वर्तमान व्यवस्था के कारण न्यास को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार से मंदिर में जीणोद्धार के कार्य से जुड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रमुख तौर पर मंदिर परिसर में जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट के द्वारा यज्ञ शाला, शू हाउस, भंडारा भवन का जीर्णोद्धार, हनुमान जी की प्रतिमा के आगे विस्तारीकरण, पार्क का जीर्णोद्वार, मंदिर कार्यालय का जीर्णोद्वार, कीर्तन भवन में रेलिंग कार्य, सार्वजनिक शौचालयों का मरम्मत कार्य प्रमुख तौर से शामिल है। इसके अलवा छ: नई दुकानें भी मंदिर परिसर में बनाई जाएगी।


मंदिर परिसर में बच्चों के लिए पार्क बनाया जाएगा उपायुक्त ने कहा कि अब इस प्रोजेक्ट को लेकर आगामी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। जल्द ही निर्माण कार्य को लेकर शेष औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। ऐसे में भविष्य में श्रद्धालुओं को अत्याधुनिक सुविधाएं मंदिर परिसर में मिल सकेगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यज्ञशाला का होगा निर्माण
प्रोजेक्ट के अनुसार मंदिर परिसर में एक यज्ञशाला का निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है। ये यज्ञशाला मंडप आधार पर बनेगी। इसमें वेदों के अनुसार 16 पिलर 32 रूफ सपोर्टिंग काॅल, एक गंडूक, वेदी, तोरन, ध्वज, पताका आदि होंगे। ये सब कार्य हिंदू संस्कृति की पारम्परिक शैलियों के अनुसार ही होगा।

शू हाउस होगा निर्मित
प्रोजेक्ट के तहत मंदिर में नए शू हाउस का निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है। इसमें 22,41 वर्ग मीटर में शू हाउस बनेगा। इसमें एक काउंटर और शू रैक लगेंगे। यहां पर श्रद्धालुओं को टोकन की सुविधा दी जाएगी।
पार्किंग का होगा निर्माण
मंदिर परिसर में पार्किंग का निर्माण करवाया जाएगा। करीब 40 लाख रुपये से पार्किंग बनाई जाना प्रस्तावित है। यहां पर श्रद्धालुओं को पार्किग की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नई पार्किंग के निर्माण से श्रद्धालुओं के लिए काफी सुविधा प्राप्त होगी।
क्या है मंदिर का इतिहास
मंदिर के पुजारी बीपी शर्मा ने बताया कि भगवान राम और लंका नरेश रावण के मध्य युद्ध चल रहा था। कई दिनों तक युद्ध चलने के बाद भी जब रावण की सेना भगवान राम की वानर सेना के आगे निर्बल दिखाई दे रही थी। तब रावण के पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण पर शक्ति बाण चला दिया, जिसके प्रभाव से वह मूर्छित हो गए। वैद्य के कहने पर लक्ष्मण के इलाज के लिए हनुमान जी हिमालय से संजीवनी बूटी लाने के लिए निकल पड़े।
आकाश मार्ग से जा रहे हनुमान जी की नजर जाखू पहाड़ पर तपस्या कर रहे एक यक्ष ऋषि पर पड़ी। मार्ग में विश्राम कर और संजीवनी बूटी का पता पूछने के लिए हनुमान जी इसी स्थान पर उतरे। यक्ष ऋषि से संजीवनी की जानकारी लेने के बाद हनुमान जी ने उनसे दोबारा मिलने का वादा किया। यहीं से उन्हें बताया गया था कि संजीवनी बूटी किस पर्वत पर मिलेगी।

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it’s all about “आपकी बात”!



