AI: कितना खतरनाक है डीपफेक? चुटकी में ऐसे पहचाने AI से बनी फोटो और वीडियो, फॉलो करें यह ट्रिक
AI: आजकल दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बोलबाला है। AI की मदद से बड़ी ही आसानी से ऑडियो क्लिप, फ़र्ज़ी वीडियो या फ़ोटो एडिट किये जा रहे है, जोकि लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते कुछ सेकंड में ही किसी की शक्ल, आवाज और हावभाव को कॉपी करके नकली वीडियो तैयार किए जा रहे है।

AI: कितना खतरनाक है डीपफेक? चुटकी में ऐसे पहचाने AI से बनी फोटो और वीडियो, फॉलो करें यह ट्रिक
बड़ी बात यह है कि ये वीडियो इतने असली लगते हैं कि अक़्सर असली और नकली में फ़र्क़ करना बेहद मुश्किल हो जाता है। यह तकनीक आजकल आसानी से उपलब्ध हो रही है, जिससे कई अभिनेता, राजनेता ही नहीं बल्कि दूसरे जाने-माने लोग इसके शिकार हो चुके हैं।

इतना ही नहीं इसका इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुंचाने के लिए होने लगा है। ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप कैसे पहचान पाएंगे कि कौन सी वीडियो एआई से बनाई गई है और साथ ही जानते है कि डीपफेक कितना खतरनाक है।


कितना खतरनाक है डीपफेक?
डीपफेक यानी AI का उपयोग करके बनाई गई नकली वीडियो, ऑडियो या तस्वीरें बेहद खतरनाक साबित हो रही है, क्योंकि यह इतनी वास्तविक लगती हैं कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
इससे किसी की छवि खराब हो सकती है, झूठी खबरें फैल सकती हैं और लोग धोखे में पड़ सकते हैं। यह पर्सनल जीवन, समाज और राजनीति सभी के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

ऐसे पता करें AI वीडियो-फोटो असली है या नकली
वॉटरमार्क से करें पहचान
अक्सर AI से बने कई वीडियो में watermark होता है। क्योंकि फ्री में मौजूद AI प्लैटफॉर्म अक्सर वॉटरमार्क के जरिए अपनी पब्लिसिटी करते हैं। इसीलिए अगर कोई वीडियो ऐसा वॉटरमार्क दिखाता है, तो उसके AI से बने होने की संभावना ज्यादा होती है।
चेहरे के एक्सप्रेशन पर रखें नजर
AI चेहरे के एक्सप्रेशन में अक्सर गड़बड़ी कर ही देता है। Deepfake वीडियो में कई बार स्माइल असली जैसी नहीं लगती है, होंठों के मूवमेंट से मेल नहीं खाती है, आईब्रो और गाल अजीब तरह से मूव करते दिखाई देते हैं। इसके अलावा असली इंसान के चेहरे की मूवमेंट नैचुरल होती है, जबकि नकली वीडियो में थोड़ी गड़बड़ी नजर आती है।
अजीब ऑडियो
AI वीडियो में आवाज़ काफी हद तक रियल लगती है, लेकिन पूरी तरह परफेक्ट नहीं होती। AI से बनी आवाज़ों में अक्सर हल्की सी रोबोटिक फील होती है। इसके अलावा, कई बार आवाज़ और वीडियो का तालमेल ठीक नहीं बैठता।अगर ऐसी गड़बड़ियां दिखें, तो यह AI वीडियो होने का संकेत हो सकता है।
लाइट और शैडो को करें चेक
असली वीडियो में रोशनी चेहरे कपड़ो और बैकग्राउंड पर नैचुरल तरीके से पड़ती है। वहीं एआई वीडियो में अक्सर चेहरे की लाइट बाकी फ्रेम से मेल नहीं खाती है। कई बार छाया एक दिशा से आती दिखाई देती है, जबकि रोशनी दूसरी दिशा से दिखाई देती है। अलग-अलग शॉट्स में चेहरे की चमक अचानक बदलना भी एआई वीडियो हो सकता है।
AI डिटेक्शन टूल्स की ले मदद
आप कई वेबसाइट और टूल्स का इस्तेमाल करके भी चुटकियों में पता लगा सकते हैं कि यह वीडियो असली है या निकली। इसके लिए आप Zero GPT, QuillBot Detector, AI or Not, GPT Zero और ThecHive AI Detector जैसे टूल्स का उपयोग कर सकते है, जोकि फोटो, वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट को स्कैन करके बता देंगे कि वह एआई से बना है या नहीं।
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