Asha Bhosle: नहीं रही सुरों की मलिका आशा भोसले! 92 की उम्र में निधन, 16 की उम्र में की थी बगावत

Asha Bhosle: 7 दशकों से अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिन से बीमार चल रही थीं और मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट में उनका उपचार चल रहा था।

Asha Bhosle: नहीं रही सुरों की मलिका आशा भोसले! 92 की उम्र में निधन, 16 की उम्र में की थी बगावत
दुनियाभर के फैंस दुआएं कर रहे थे। मगर, रविवार को गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर से संगीत जगत और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। भले ही अब आशा भोसले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने सदाबहार गीतों के जरिए आशा भोसले हमसे कभी जुदा नहीं होंगी।

कार्डियक अरेस्ट की खबरें निकली झूठी
पहले यह दावा किया गया था कि 11 अप्रैल को आशा भोसले की अचानक तबीयत बिगड़ने और कार्डियक अरेस्ट आने के बाद उन्हें तुरंत ही मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल (Breach Candy Hospital) में भर्ती करवाया गया था।


सोशल मीडिया पर चल रही कार्डियक अरेस्ट खबरों के बीच आशा भोसले की पोती जनाई भोसले ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उनकी हेल्थ पर अपडेट दिया था। उन्होंने कहा था कि मेरी दादी अधिक थकान और चेस्ट इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। सभी को आस थी कि गायिका स्वस्थ होकर लौटेंगी, मगर अब यह उम्मीद टूट गई।
संगीत से जुड़े परिवार में हुआ जन्म
8 सितंबर 1933 को जन्मी आशा ताई के खून में ही संगीत था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल सिंगर थे। आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले जब नौ साल की थीं तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी फैमिली पुणे से कोल्हापुर और बाद में मुंबई आ गई।


बड़ी बहन लता मंगेशकर के पद्चिन्हों पर चलते हुए वह भी संगीत की दुनिया में आईं। दोनों बहनों ने परिवार चलाने के लिए फिल्मों में गाना शुरू किया। आशा भोसले ने पहला गीत मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ (1943) में ‘चला चला नाव वाला’ गाया था। जबकि बॉलीवुड में उनका पहला गाना ‘चुनरिया (1948)’ फिल्म में ‘सावन आया’ था।
संघर्षों से भरा रहा निजी जीवन
साहसी फैसले: महज 16 साल की उम्र में परिवार के खिलाफ जाकर खुद से 20 साल बड़े गणपत राव भोसले से शादी की, जोकि बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी थे। हालाँकि, आशा भोसले और गणपत राव की शादी ज्यादा वक्त तक नहीं टिक सकी। 11 साल बाद दोनों अलग हो गए। गणपत राव से आशा भोसले को तीन बच्चे हुए।
पंचम दा के साथ जुगलबंदी: 1980 में खुद से 6 साल छोटे दिग्गज संगीतकार आरडी बर्मन से शादी की। संगीत की इस जोड़ी ने ‘दम मारो दम’ और ‘चुरा लिया है’ जैसे न जाने कितने कालजयी नगमे दिए। दोनों की शादी 1994 में आरडी बर्मन के दुनिया से अलविदा कहने तक चली।
20 भाषाओं में गाये 12 हजार गाने
आशा भोसले का करियर लगभग पांच दशक लंबा रहा। 20 भाषाओं में उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। 12,000 से ज्यादा गाने गाकर उन्होंने अपना नाम इतिहास में दर्ज कराया। ग्रैमी नामांकन पाने वाली वह पहली भारतीय गायिका बनीं। सबसे खास बात कि अपने इतने लंबे करियर के दौरान आशा भोसल ने अलग-अलग दौर के कई दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया और कईयों के साथ उनकी जोड़ी काफी हिट रही।

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