पांवटा साहिब को स्वच्छ बनाने की पहल, ‘मेरा पांवटा, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान शुरू
पांवटा साहिब। यमुना शरद महोत्सव 2026 के दौरान सामाजिक संस्था हीलिंग पृथ्वी ने शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए ‘मेरा पांवटा, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान की शुरुआत की। इस पहल के तहत 24 अक्टूबर को राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के 20 स्वयंसेवकों ने सामुदायिक स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। स्वयंसेवकों ने यमुना घाट से यमुना रिवर फ्रंट की ओर जाने वाले रास्ते की सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।
संस्था का उद्देश्य शहर के सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए लोगों को जागरूक करना और उन्हें इस काम में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। हीलिंग पृथ्वी इस अभियान को केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है।
प्रशासन और युवाओं का मिला सहयोग

यमुना शरद महोत्सव के अवसर पर इस अभियान को शुरू करने के लिए संस्था को एसडीएम दिविज गोयल का सहयोग और अनुमति मिली। नगर परिषद पांवटा साहिब की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला ने भी इस पहल में सहयोग दिया।
अभियान में NSS स्वयंसेवकों की भागीदारी से यह संदेश दिया गया कि युवा अपने शहर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के साथ आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है।

एक घंटा, एक स्थान और सामूहिक प्रयास
हीलिंग पृथ्वी ने इस अभियान के लिए ‘एक घंटा, एक हॉटस्पॉट, एक समुदाय’ का विचार अपनाया है। इसके तहत किसी एक सार्वजनिक स्थान को चुनकर लोगों के सहयोग से उसकी सफाई की जाएगी। संस्था भविष्य में अन्य सामाजिक संगठनों, स्थानीय समूहों और शैक्षणिक संस्थानों को भी इस पहल से जोड़ना चाहती है।
नागरिकों से जुड़ने की अपील
संस्था ने पांवटा साहिब के नागरिकों, व्यापारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अभियान में भाग लेने की अपील की है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखें और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें।
संस्था का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए केवल शिकायत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पांवटा साहिब को स्वच्छ और सुंदर बनाने में मदद कर सकते हैं।
‘मेरा पांवटा, मेरी जिम्मेदारी’—स्वच्छ शहर के लिए सबकी भागीदारी जरूरी।



