पांवटा साहिब की अनाज मंडी में किसानों की परेशानी जानने पहुंचे गुरदीप सिंह गैरी, प्रशासन के सामने उठाए मुद्दे
पांवटा साहिब: धान की फसल बेचने के लिए अनाज मंडी पहुंच रहे किसानों को इन दिनों कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारों के बीच गेहूं की बिजाई का समय होने के कारण किसानों को पैसों की जरूरत है, लेकिन मंडी में धान की तुलाई और भुगतान में देरी से उनकी परेशानी बढ़ रही है। कई किसानों को अपनी फसल तुलवाने के लिए पांच-पांच दिन तक मंडी में इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों की समस्याओं का जायजा लेने के लिए समाजसेवी गुरदीप सिंह गैरी ने पांवटा साहिब की अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मंडी में धान की खरीद, तुलाई, उठान तथा भुगतान की स्थिति की जानकारी ली।
तुलाई में देरी से किसान परेशान

किसानों ने बताया कि धान की तुलाई समय पर नहीं होने के कारण उन्हें कई दिनों तक मंडी में रुकना पड़ रहा है। इससे उनका समय और मेहनत दोनों प्रभावित हो रहे हैं। मंडी में जगह की कमी के कारण भी तुलाई की प्रक्रिया में दिक्कतें आ रही हैं। यदि तुले हुए धान का समय पर उठान हो, तो मंडी में जगह की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
झरनों की संख्या बढ़ाने और उठान में तेजी की मांग

गुरदीप सिंह गैरी ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से बातचीत की। उन्होंने सुझाव दिया कि धान की तुलाई के लिए झरनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही तुले हुए धान का उठान जल्द करवाने और मंडी में किसानों के रात को ठहरने के लिए उचित व्यवस्था करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
72 घंटे के बजाय 10 दिन बाद हो रहा भुगतान
गैरी ने धान की फसल के भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, सरकार के तय प्रावधान के मुताबिक किसानों को 72 घंटे में भुगतान मिलना चाहिए, लेकिन कई किसानों को इसके लिए लगभग 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की इन समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाकर जल्द समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा। इस दिशा में उन्होंने मंडी में ही स्थानीय प्रशासन से बातचीत शुरू कर दी है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।


