पांवटा साहिब में वाल्मीकि जयंती की धूम, गुरदीप सिंह गैरी ने टेका माथा: सैनी समाज ने की लंगर सेवा
पांवटा साहिब: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पांवटा साहिब में श्रद्धा और उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन किए गए। इस मौके पर समाजसेवी एवं उद्योगपति गुरदीप सिंह गैरी वाल्मीकि मंदिर पहुंचे। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद लिया और धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद वह शहर में निकाली गई शोभायात्रा में भी शामिल हुए।
इस दौरान गुरदीप सिंह गैरी ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना करके भारतीय साहित्य और संस्कृति को महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी शिक्षाएं आज भी लोगों को सत्य, सदाचार, मानवता और आपसी भाईचारे के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह उनके विचारों को जीवन में अपनाने और समाज में एकता व सद्भाव बनाए रखने का संदेश भी देती है।

मुख्य बाजार और नेशनल हाईवे से निकली शोभायात्रा
महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में पांवटा साहिब के मुख्य बाजार और नेशनल हाईवे से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त की और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिला।

गुरदीप सिंह गैरी ने भी शोभायात्रा में शामिल होकर अपनी सहभागिता निभाई। इस आयोजन में लोगों की भागीदारी ने धार्मिक उत्सव की रौनक बढ़ाई।
सैनी समाज ने श्रद्धालुओं के लिए लगाया लंगर
जयंती के अवसर पर गुरदीप सिंह गैरी की अध्यक्षता में सैनी समाज की ओर से श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाया गया। शोभायात्रा में शामिल होने वाले लोगों को लंगर वितरित किया गया। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध करवाया गया।
धार्मिक आयोजनों में लंगर सेवा को समानता, सहयोग और मानव सेवा का प्रतीक माना जाता है। पांवटा साहिब में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धा के साथ सेवा और सामाजिक भाईचारे का संदेश दिया गया। मंदिर में माथा टेकने से लेकर शोभायात्रा और लंगर सेवा तक, पूरे आयोजन में लोगों की भागीदारी देखने को मिली।



