SIRMOUR NEWS: नाहन में 29 अक्टूबर तक धारा 163 लागू, वाल्मीकि चौक पर भीड़ जुटाने और प्रदर्शन करने पर रोक
सिरमौर जिला प्रशासन ने नाहन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। जिला दंडाधिकारी प्रियंका वर्मा, IAS ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश जारी किया है। इसके तहत निर्धारित क्षेत्र में बिना अनुमति भीड़ जुटाने, रैली निकालने, प्रदर्शन करने और हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन के अनुसार, 23 अक्टूबर को नाहन के वाल्मीकि चौक पर वाल्मीकि समुदाय और सिख समुदाय के बीच विवाद के बाद हिंसक स्थिति पैदा हो गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से पथराव हुआ, जिसमें पुलिस कर्मचारियों समेत कई लोग घायल हुए। घटना में सरकारी और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था। पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति पर काबू पा लिया गया था, लेकिन क्षेत्र में तनाव की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन को मिली खुफिया जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 10 बजे हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से दोनों समुदायों के लोगों के वाल्मीकि चौक पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने की आशंका है। इससे दोबारा विवाद बढ़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

इन क्षेत्रों में लागू रहेगा प्रतिबंध
निषेधाज्ञा नाहन पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दो सड़का से वाल्मीकि चौक होते हुए दिल्ली गेट तक और वाल्मीकि चौक से बस स्टैंड के एंट्री गेट तक लागू रहेगी। इन मार्गों के दोनों ओर आने वाले संबंधित क्षेत्रों में भी आदेश प्रभावी रहेगा।

इन गतिविधियों पर रहेगी रोक
आदेश के तहत बिना अनुमति पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। लाठी, डंडा, दाती, भाला, तलवार, गैंती और फावड़ा जैसे हथियार लेकर चलने की भी अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना, भूख हड़ताल, नारेबाजी और सड़क या फुटपाथ जाम करने पर रोक लगाई गई है। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और धार्मिक स्थलों पर मशाल, मोमबत्ती, पुतला या टायर जलाना भी प्रतिबंधित रहेगा।
सड़कों, गलियों और वाहनों की ओर पटाखे फेंकने, सार्वजनिक स्थानों पर पथराव करने तथा आपत्तिजनक वस्तुएं फेंकने पर भी रोक रहेगी। भड़काऊ या सांप्रदायिक भाषण, नारे, पोस्टर, बैनर और दीवारों पर आपत्तिजनक लेखन की अनुमति नहीं होगी।
आवश्यक सेवाओं को छूट
सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों, अग्निशमन सेवाओं, बिजली-पानी और नगरपालिका सेवाओं, मेडिकल इमरजेंसी वाहनों तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
प्रशासन की जनता से अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। किसी भी अफवाह पर विश्वास न करने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक सामग्री साझा नहीं करने को कहा गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए पुलिस या आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।



