HP News: शरद ऋतु की पहली बारिश बागवानी के लिए लाभदायक! नए पौधारोपण के लिए भी है उपयुक्त समय
HP News: उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बीते दिनों हुई बारिश को बागवानी क्षेत्र के लिए बहुत ही लाभदायक बताया है। उन्होंने बताया कि इस बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी और पौधों को आसानी से खाद मिलेगी। इस बारिश के बाद कोरा पड़ने की आशंका भी कम हो जायेगी।

HP News: शरद ऋतु की पहली बारिश बागवानी के लिए लाभदायक! नए पौधारोपण के लिए भी है उपयुक्त समय
उपनिदेशक ने बागवानों को अपने पुराने बगीचों में तौलिए बनाकर निर्धारित मात्रा में गोबर की गली-सडी खाद, सिंगल सुपर फास्फेट व पोटाश उर्वरक मिलाकर पौधों में डालने की सलाह दी। यह खाद तने से डेढ़ फीट की दूरी पर चारों तरफ नाली बनाकर डालना उचित माना गया है।

बारिश के तुरंत बाद पुराने पौधों में काट-छांट करें व कटे हुए भागों पर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड व अलसी के तेल का पेंट बनाकर लगाना सुनिश्चित करें। पौधों के तनों में नीला थोथा और चूने का घोल बनाकर एक से डेढ़ फीट तक तनों में लगाना सुनिश्चित करें।


काट-छांट के उपरांत कॉपर ऑक्सीक्लोराइड दवाई 2 ग्राम प्रति लीटर की मात्रा से पौधों पर स्प्रे करना भी उचित माना गया है। राजेश्वर परमार ने कहा कि जो बागवान शरद ऋतु में लगने वाले पौधों को अपने खेतों में लगाना चाहते हैं वो अपने नजदीकी उद्यान प्रसार केंद्रों से गुणवता युक्त एवम् रियायती दरांे पर खरीदकर अपने खेतों में रोपित कर सकते हैं।
बारिश के बाद मिट्टी में होने वाली नमी इन पौधों को अंकुरित करने में सहायक सिद्ध होगी। शरद ऋतु में लगने वाले पौधे जैसे-सेब, नाशपाती, आडू, प्लम, कीवी विभाग के उद्यान प्रसार केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

यह सभी पौधे बागवानों को उनकी मांग के अनुसार ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की नीति के तहत वितरित किये जा रहे हैं। बागवानी संबंधित किसी भी जानकारी के लिए बागवान विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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