हिमाचल में मौसम का कहर: 10 जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, सेब फसल को भारी नुकसान

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 10 जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। राजधानी शिमला समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। दोपहर बाद कई जगहों पर तेज बारिश दर्ज की गई।
कुफरी, फागू और महासू पीक में लगातार ओलावृष्टि हो रही है। मंडी और सिरमौर के कई क्षेत्रों में भी भारी ओले गिरे हैं। इससे सेब की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है।


कुफरी और महासू क्षेत्र में चार दिन से लगातार ओलावृष्टि जारी है। बागवानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जगहों पर फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार, किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर बाकी जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो धर्मशाला में सबसे अधिक 30.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कांगड़ा में 29.4 और सराहन में 15.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
पालमपुर में 15.4, रोहड़ू में 14.0 और मंडी में 13.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। जोगिंद्रनगर और कल्पा में भी अच्छी बारिश दर्ज हुई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 से 9 मई के बीच बारिश थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है।
10 और 11 मई को पूरे प्रदेश में फिर से बारिश का दौर तेज हो सकता है। इससे मौसम और ठंडा रहने के आसार हैं।
बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। कई क्षेत्रों में रात का पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
कल्पा, ताबो और कुकुमसैरी में तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है। केलांग में भी तापमान काफी नीचे दर्ज किया गया।
शिमला का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम होकर 11 डिग्री तक पहुंच गया है। नाहन में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। खासकर खुले इलाकों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
