कफोटा/कमरऊ में जनसमस्याओं पर फूटा गुस्सा: सड़क, पुल और उप-तहसील को लेकर प्रशासन को चेतावनी

क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर युवाओं और समाजसेवियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से अनदेखी से नाराज़ प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपा।

कफोटा/कमरऊ में जनसमस्याओं पर फूटा गुस्सा: सड़क, पुल और उप-तहसील को लेकर प्रशासन को चेतावनी
एसडीएम कफोटा की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन सुप्रीडेंट और तहसीलदार कमरऊ को दिया गया। प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

सतौन–रेणुका सड़क बनी बड़ी समस्या
ज्ञापन में सबसे बड़ा मुद्दा सतौन–रेणुका जी सड़क की खराब हालत को बताया गया। लोगों ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है, लेकिन वर्षों से बदहाल है।


उन्होंने मांग रखी कि सड़क को जल्द चौड़ा और पक्का किया जाए। चेतावनी दी गई कि समाधान न होने पर जनता सड़क पर उतरने को मजबूर होगी।
बंद उप-तहसील पर भी उठे सवाल
सतौन में बंद पड़ी उप-तहसील को लेकर भी नाराजगी जताई गई। प्रतिनिधिमंडल ने इसे जनता के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि उप-तहसील को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।


जर्जर पुल बना खतरा
सतौन पुल की खराब हालत को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। लोगों ने इसे “हादसे का इंतजार” करार दिया। चेताया गया कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई, तो किसी भी अनहोनी के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
7 दिन का अल्टीमेटम, वरना आंदोलन
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को 7 दिन का समय दिया है। इस अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। युवाओं ने कहा कि वे क्षेत्र में लोगों को एकजुट करेंगे और जनप्रतिनिधियों का विरोध भी करेंगे।
कई युवा और समाजसेवी रहे मौजूद
इस दौरान एडवोकेट दिनेश चौहान, मनोज पुंडीर, विक्रम चौहान, हरिचंद शर्मा, यशपाल ठाकुर, विजेंद्र तोमर और अभी ठाकुर सहित कई लोग मौजूद रहे।सभी ने एक स्वर में कहा कि अब अधिकारों के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा।

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