दुखद: खेलने से मना किया तो 13 साल के इकलौते बेटे ने दे दी जान! वार्षिक परीक्षा देकर लौटा था घर, पसरा मातम

मंडी जिले के उपमंडल सरकाघाट के बड़ा समाहल गांव में एक परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनके लाडले ने फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया। 13 साल का छात्र नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था।

दुखद: खेलने से मना किया तो 13 साल के इकलौते बेटे ने दे दी जान! वार्षिक परीक्षा देकर लौटा था घर, पसरा मातम
इन दिनों छात्र की वार्षिक परीक्षाएं चली हुई थी। बताया जा रहा है कि परीक्षा देने के बाद छात्र घर लौटा था और खेल रहा था। गुरुवार शाम के वक्त माता-पिता ने उसे खेलने से मना किया और डांट भी लगाईं।

कमरे में लगाया फंदा
जिसके बाद उसे पढ़ाई करने के लिए कहा गया। इससे बेटा गुस्से में आ गया और उसने कमरे में जाकर पंखे से फंदा लगाया और उस पर लटक कर अपनी जान दें दी।


घर में मची चीख-पुकार
कुछ देर बाद जब मां बेटे को देखने के लिए कमरे में गई तो अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। जिसके बाद परिवार के बाकी सदस्य और ग्रामीण भी मौके पर इकट्ठा हो गए।
इकलौता बेटा था मृतक
इसके बाद बच्चे को फंदे से नीचे उतारकर उसे इलाज के लिए तुरंत नागरिक अस्पताल सरकाघाट ले जाया गया, मगर तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी। मृतक मां-बाप का इकलौता बेटा था, जिससे वह गहरे सदमें में है।


उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में परिजनों ने छात्र की मौत को लेकर कोई संदेश जाहिर नहीं किया है।

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