Mother Of All Deals: क्या है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’! बदलेगा भारत का वैश्विक व्यापार का खेल, कार से लेकर मशीनरी तक होगी सस्ती
Mother Of All Deals: हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। यह सहमति दुनिया भर में मदर ऑफ ऑल डील्स नाम से मशहूर हो रही है।

Mother Of All Deals: क्या है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’! बदलेगा भारत का वैश्विक व्यापार का खेल, कार से लेकर मशीनरी तक होगी सस्ती
सबसे खास बात इस डील पर लगातार 20 वर्षों से बातचीत हो रही है और आखिरकार इस पर सहमति बनी है। जल्द ही यह डील कानूनी रूप ले लेगी। यह डील जैसे ही कानूनी रूप में बदलेगी सीधे तौर से वैश्विक व्यापार का दृश्य बदल जाएगा। 2 अरब लोगों को यह डील प्रभावित करेगी जिससे 25% GDP कवर होगा।

क्या है यह व्यापार समझौता
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए इस व्यापार समझौते में 99% भारतीय निर्यात और 96% यूरोपियन संघ का निर्यात टैरिफ मुक्त होगा। मतलब अब सीधे रूप से भारत से भेजा जाने वाला सामान टेक्सटाइल, समुद्री उत्पादन, रसायन, रत्न गहने इत्यादि यूरोपीय बाजारों में पहुंचेंगे और टैरिफ मुक्त होने की वजह से सस्ते में बिकेंगे जिससे इसकी मांग बढ़ेगी। वहीं यूरोपीय संघ से आने वाली लग्जरी वस्तुएं जैसे कि कार, मशीनरी, चिकित्सा उपकरण बिना टैरिफ के भारत में आएंगे और सस्ते दामों में मिलेंगे।


क्या होगा इस डील का लाभ
यूरोपीय संघ के बीच हुई इस डील से भारत के समान अब सस्ते दामों में यूरोपीय कंट्रीज में बिकेंगे। यूरोप के सामान जो भारत में भारी भरकम शुल्क के साथ आते थे वह अब सस्ते में बिकेंगे। अब ज्यादा निर्यात बढ़ने की वजह से मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप सेक्टर में लाखों नौकरियां बनेगी क्योंकि उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा।
वहीं यूरोपीयन कंट्रीज अब भारत में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा दे रही हैं जिसकी वजह से भारत में टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ेगा। कुल मिलाकर अब भारत को ग्लोबल सप्लाई चैन बनने का मौका मिलेगा और यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा।

इस डील का आम लोगों को क्या फायदा होगा
इस डील के वजह से आम लोगों को यूरोपियन कारें, शराब, कॉस्मेटिक, मेडिकल डिवाइस टेक प्रोडक्ट सस्ते में मिलेंगे। उपभोक्ताओं को अब विदेशों से आने वाली वस्तुओं में अपने लिए बेहतर चुनने का मौका मिलेगा। मतलब अब इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के सस्ते प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाएंगे। साथ ही आम लोगों को अब रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे और इसका सीधा लाभ क्रय शक्ति पर पड़ेगा क्योंकि आमदनी बढ़ेगी और खरीदने की क्षमता मजबूत होगी।
इस डील को लागू करने में कौन सी चुनौतियां सामने आ रही है?
इस डील को लागू करने के दौरान भारत सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा है जैसे की भारत ने अभी भी हाथ करघा उद्योग, दूध, चीनी जैसे कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है ताकि घरेलू किसानों को इस डील से कोई नुकसान ना हो। वही विशेषज्ञों की माने तो इस डील को सही तरह से लागू होने में कुछ और समय लगेगा। परंतु एक बार यह लागू हो गई तो उसके सकारात्मक प्रभाव पूरे देश को देखने के लिए मिलेंगे।
निष्कर्ष
कुल मिलकर भारत यूरोपियन संघ की यह मदर ऑफ ऑल डील एक महत्वपूर्ण समझौता है। यह ट्रेड डील जहां एक ओर वैश्विक व्यापार नेटवर्क बढ़ाएगी तो वही आने वाले समय में नए रोजगार भी जनरेट करेगी। अब देखना यह होगा कि 1 फरवरी 2026 को बजट के दौरान सरकार ऐसे क्या बदलाव करती है कि जिससे यह ट्रेड डील भारतीय लोगों के लिए और ज्यादा फायदेमंद हो जाए।
दिन भर की ताजा खबरों के अपडेट के लिए WhatsApp NewsGhat Media के इस लिंक को क्लिक कर चैनल को फ़ॉलो करें।

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it’s all about “आपकी बात”!


