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Himachal News : महिलाओं के लिए स्वरोजगार का साधन बनी फूड वैन! देश-विदेश के टूरिस्ट चख रहे पारंपरिक व्यंजन का स्वाद

Himachal News : महिलाओं के लिए स्वरोजगार का साधन बनी फूड वैन! देश-विदेश के टूरिस्ट चख रहे पारंपरिक व्यंजन का स्वाद

Himachal News : महिलाओं के लिए स्वरोजगार का साधन बनी फूड वैन! देश-विदेश के टूरिस्ट चख रहे पारंपरिक व्यंजन का स्वाद

Himachal News : महिलाओं के लिए स्वरोजगार का साधन बनी फूड वैन! देश-विदेश के टूरिस्ट चख रहे पारंपरिक व्यंजन का स्वाद

Himachal News : हिमाचल प्रदेश का कुल्लू जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अब महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की एक सशक्त पहचान बनता जा रहा है। भुंतर विकास खंड के गड़सा क्लस्टर अंतर्गत कार्यरत शिवशक्ति स्वयं सहायता समूह इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल बनकर उभरा है, जहाँ सामूहिक प्रयास, पारंपरिक ज्ञान और सरकारी सहयोग ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।

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Himachal News : महिलाओं के लिए स्वरोजगार का साधन बनी फूड वैन! देश-विदेश के टूरिस्ट चख रहे पारंपरिक व्यंजन का स्वाद

भलान-एक पंचायत की 13 महिला सदस्यों से गठित यह समूह आज न केवल अपने परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार बना है, बल्कि कुल्लू की पारंपरिक खान-पान एवं हस्तशिल्प संस्कृति को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुँचाने का माध्यम भी बन रहा है।

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परंपरा को बनाया रोजगार का आधार
शिवशक्ति स्वयं सहायता समूह ने स्थानीय संसाधनों और पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक ज्ञान को स्वरोजगार से जोड़ा है। समूह की महिलाएँ स्थानीय व प्राकृतिक सामग्री से पारंपरिक अचार, चटनियाँ, अन्य खाद्य उत्पादों के साथ-साथ कुल्लवी पट्टू और शाल का निर्माण कर रही हैं। इन उत्पादों में प्रयुक्त सामग्री औषधीय गुणों से भरपूर है, जिससे ये स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी हैं। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

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सरकारी सहयोग से मिली नई उड़ान
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं हिमाचल सरकार के सहयोग से समूह को लगभग 8 लाख रुपये की आधुनिक फूड वैन उपलब्ध करवाई गई है। यह फूड वैन समूह की महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक प्रभावी साधन बनकर सामने आई है। इसके माध्यम से अब कुल्लू के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर शुद्ध, स्थानीय और पारंपरिक भोजन किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

पर्यटकों के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भी कम दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर समूह ने सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। इसके अतिरिक्त कसोल क्लस्टर को भी ऐसी फूड वैन उपलब्ध करवाई गई है, जबकि आगामी समय में भुंतर क्लस्टर को एक तथा नग्गर क्लस्टर में तीन फूड वैन उपलब्ध करवाने की योजना है।

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आर्थिक आत्मनिर्भरता से बढ़ा आत्मविश्वास
समूह की महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में मिले इस सहयोग से उन्हें स्थायी आजीविका का साधन प्राप्त हुआ है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार और समाज में उनका सम्मान तथा आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महिलाओं ने इस सहयोग के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

कुल्लू के स्वाद को मिल रही नई पहचान
देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कुल्लू में हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक पहुँचते हैं। शिवशक्ति स्वयं सहायता समूह की इस पहल से पर्यटक अब कुल्लू के पारंपरिक, शुद्ध और किफायती स्वाद से सीधे परिचित हो रहे हैं। यह प्रयास स्थानीय संस्कृति और परंपरा को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘हिमइरा’ से मिली पहचान
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समर्थित एवं ‘सबका साथ, सबका विकास’ सीएलएफ मशोबरा के स्वामित्व में विकसित ‘हिमइरा’ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। इसके अंतर्गत तैयार किए गए प्राकृतिक उत्पाद और पारंपरिक शिल्पकला गुणवत्ता, प्रामाणिकता और स्थानीय संस्कृति की पहचान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। हिमइरा के उत्पाद पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण के साथ पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक आवश्यकताओं का संतुलित समन्वय प्रस्तुत करते हैं।

प्रेरणा का स्रोत बनी महिलाएँ
समूह की सदस्य सपना ठाकुर का कहना है कि फूड वैन मिलने से समूह की सभी सदस्य अत्यंत उत्साहित हैं। सरकार के सहयोग से सम्मानपूर्वक रोजगार मिलने से उनका आत्मसम्मान बढ़ा है और भविष्य के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है। शिवशक्ति स्वयं सहायता समूह की यह सफलता-गाथा उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ने का संकल्प रखती हैं। यह कहानी स्पष्ट करती है कि जब सरकारी योजनाएँ सही हाथों तक पहुँचती हैं, तो वे ग्रामीण समाज में सकारात्मक, स्थायी और व्यापक परिवर्तन की नींव रखती हैं।

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Written by News Ghat

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