भारत-फ्रांस रक्षा डील: सुपर राफेल और हैमर मिसाइल से बढ़ेगी अब भारत की ताकत! मिली उज्जवल भविष्य की गारंटी

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग अब एक नई ऊंचाई पर पहुंचने वाला है। 2026 के फरवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति मैनुएल मैक्रोन ने भारत दौरे के दौरान भारत के साथ एक विशाल समझौते पर चर्चा की। यह समझौता केवल हथियार खरीदने तक का नहीं था। बल्कि असल में यह एक रणनीति थी।

भारत-फ्रांस रक्षा डील: सुपर राफेल और हैमर मिसाइल से बढ़ेगी अब भारत की ताकत! मिली उज्जवल भविष्य की गारंटी
भारत को तकनीकी रूप से आत्म निर्भर और वैश्विक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया फैसला था। इस डील के अंतर्गत फ्रांस ने भारत को उज्जवल भविष्य की गारंटी दी है। जहां भारत 3.5 लाख करोड रुपए तकनीकी रूप से उन्नत और सुरक्षा नीति में अग्रसर बनने के लिए खर्च करेगा।

60% राफेल ‘मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट’
भारत फ्रांस रक्षा समझौते का सबसे बड़ा हिस्सा है 114 राफेल फाइटर जेट्स का निर्माण। इसमें से 24 सुपर नए वर्जन अत्यधिक क्षमताओं वाले राफेल होने वाले हैं। इनमें से 96 राफेल भारत में ही निर्मित होंगे। मतलब मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के अंतर्गत इन 114 राफेल में से 96 भारत में तैयार किए जाएंगे।


बचे हुए 18 राफेल फ्रांस से तैयार होकर सीधा उड़ान स्थिति के रूप में भारत में आएंगे। मतलब राफेल बनाने में 60% तक की हिस्सेदारी भारत की होगी। इससे भारत की वायु सेवा शक्ति में इजाफा होगा। भारत को रक्षा हथियार बनाने के क्षेत्र में अनुभव मिलेगा और आने वाले समय में भारत आत्मनिर्भर बनेगा ।
हैमर मिसाइल में भी 50% हिस्सेदारी
इस नये समझौते का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण है हैमर मिसाइल। हैमर मिसाइल एक प्रेसीजन गाइड वेपन है जिसका निर्माण भारत में होने वाला है। यह मिसाइल एक एयर टू ग्राउंड स्टैंड ऑफ हथियार है जो राफेल जैसे जेट में लगाया जाता है ताकि युद्ध के दौरान सटीक निशाना साधा जा सके।

यह फ्रांस की तकनीक द्वारा विकसित किया गया है। लेकिन अब इसका निर्माण भारत में किया जाएगा। मतलब भारत और फ्रांस मिलकर हैमर मिसाइल बनाने में 50-50 प्रतिशत का जॉइंट वेंचर करने वाले हैं। इससे इस हथियार का उत्पादन भारत में होगा और वैश्विक हथियार बाजार में भारत की हिस्सेदारी मजबूत होगी।
निष्कर्ष
फ्रांस और भारत के बीच हुआ यह रक्षा समझौता एक हथियार के खरीद का समझौता नहीं है। असल में यह भारत फ्रांस रणनीति के पीछे किए जाने वाले विस्तार का संकेत है। कई दिनों से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ रहा है। फ्रांस लगातार भारत को रक्षा हथियार बनाने में आत्मनिर्भर बना रहा है।
इस डील से भारत को दो प्रमुख रक्षा परियोजनाओं पर काम करने का मौका मिलेगा। एक राफेल जिसमें से 60% राफेल का निर्माण भारत में होगा वही हैमर मिसाइल के लिए भी भारत 50% का जॉइंट वेंचर फ्रांस के साथ लगाएगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था और तकनीकी आत्म निर्भरता बेहतर होगी।
दिन भर की ताजा खबरों के अपडेट के लिए WhatsApp NewsGhat Media के इस लिंक को क्लिक कर चैनल को फ़ॉलो करें।

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it’s all about “आपकी बात”!


