Asha Hospital
in

छात्रों के मनपसंद करियर चुनाव से खुलते है कामयाबी के रास्ते, एनएसएस शिविर में बोली डॉ मैथिली शेखर

छात्रों के मनपसंद करियर चुनाव से खुलते है कामयाबी के रास्ते, एनएसएस शिविर में बोली डॉ मैथिली शेखर

छात्रों के मनपसंद करियर चुनाव से खुलते है कामयाबी के रास्ते, एनएसएस शिविर में बोली डॉ मैथिली शेखर

 

Shri Ram

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाल, बनकला में एनएसएस यूनिट द्वारा आयोजित राष्ट्रिय सेवा योजना के तहत आयोजित कैंप में श्री साई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, नाहन के मानसिक रोग विभाग की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ मैथिली शेखर को छात्र छात्रों के साथ चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया गया।

Indian Public School

इस शिविर में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ मैथिली शेखर ने छात्रों को व्यक्तितत्व विकास , करियर एवं आत्मविश्वास के विषय में जानकारी दी। साथ ही छात्र छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया।

Doon valley school

पाठशाला द्वारा आयोजित एनएसएस कैंप में बच्चो के पूर्ण व्यक्तितत्व विकास के लिए मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मैथिली शेखर ने बताया की प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व भिन्न होता है कियुकी पप्रत्येक व्यक्ति विभिन्न परिस्थितों में बड़ा होता है। उन्होंने ने बतया की हमे किसी भी व्यक्ति को कम नहीं आंकना चाहिए।

आपके व्यक्तित्व विकास का बहुत महत्वपूर्ण योगदान आपके करियर निर्माण में होता है। छात्र छात्राओं को भविष्य या करियर चुनाव के लिए सोच विचार करके एवं अपनी पसंद के अनुसार करना चाहिए क्यों कि तभी व्यक्ति बेहतर प्रदर्शन कर सकता है एवं कामयाब हो सकता है।

JPERC 2025

इसके साथ ही उन्होंने छात्र छात्रों को जीवन में आत्मविश्वाश भी बेहद आवश्यक है। देखा गया है बहुत से स्कूली छात्रों का आत्मविश्वास कम होता है , और आत्मविश्वास के कम होने के कारण बच्चे कभी कभी आगे नहीं बढ़ पाता। उन्होंने बच्चों से आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का आग्रह किया।

शिविर में 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया साथ ही वाईस प्रिंसिपल नवनीत एवं स्टाफ भी उपस्थित रहे।

डॉ. मैथिली शेखर ने बच्चो को मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने के गुर सिखाये। उन्होंने ने बताया की बच्चे देश का भविष्य है और आज के प्रतियोगिता भरे समय में बच्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बहुत दवाब रहता है।

जिस कारण बच्चों को बहुत सी मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ता है। मानसिक रोग जैसे चिड़चिड़ापन, भय, स्ट्रेस, अकेलापन आदि रोगों से बच्चे जाने अनजाने पीड़ित रहते है।

ऐसे में बच्चो पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को कुछ भी छुपाना नहीं चाहिए। खुल कर अपने शिक्षकों या अभिभावकों से बातचीत करनी चाहिए। अपनी परेशानिओं के प्रति सजग रहते हुए खुल कर सामने आ कर बात करनी चाहिए।

Written by Newsghat Desk

पांवटा साहिब के इन इलाकों में रविवार को रहेगा पावर कट, सुबह 9 बजे से रहेगी विद्युत बाधित

पांवटा साहिब के इन इलाकों में रविवार को रहेगा पावर कट, सुबह 9 बजे से रहेगी विद्युत बाधित

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुल बैठक में शरद ऋतु की तैयारियों पर हुई चर्चा

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुल बैठक में शरद ऋतु की तैयारियों पर हुई चर्चा