Zomato Platform: जोमैटो का बड़ा झटका! अब हर ऑर्डर पर बढ़ जाएगी प्लेटफार्म फीस

Zomato Platform: डिजिटल दौर में फूड डिलीवरी आज हमारी लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन चुकी है। घर पर छोटी-मोटी भूख का सवाल हो या किसी पार्टी की तैयारी ऑफिस लंच हो या रेल में खाना बुलाना जोमैटो जैसा प्लेटफार्म अब फूड डिलीवरी का बेहद ही आसान तरीका बन चुका है। लेकिन अब जोमैटो ने अपने कीमत के ढांचे में कुछ बदलाव करने का निर्णय ले लिया है।

Zomato Platform: जोमैटो का बड़ा झटका! अब हर ऑर्डर पर बढ़ जाएगी प्लेटफार्म फीस
जी हां सूत्रों की माने तो Zomato ने अपने ग्राहकों के लिए प्लेटफार्म फीस में इजाफा कर दिया है। जिससे अब हर ऑर्डर पर खर्च बढ़ जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार जोमैटो ने प्लेटफार्म फीस को बढ़ाकर 2.40 रुपए प्रति ऑर्डर बना दिया है। पहले यह फीस बहुत कम थी पर अब हर ग्राहक को हर ऑर्डर पर भुगतान ज्यादा करना होगा। यह फीस डिलीवरी चार्ज से अलग होती है और कंपनी इसे ऑपरेशनल खर्च मैनेज करने के लिए लागू करती है।

क्या होती है प्लेटफार्म फीस और ग्राहकों पर क्या पड़ेगा इसका असर?
आमतौर पर प्लेटफॉर्म फीस सुनते ही लोगों के दिमाग में सवाल आता है कि आखिर यह फीस क्या होती है? असल में यह कंपनी के एप मेंटेनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सुधार के लिए लिया गया चार्ज होता है। जब भी आप खाना ऑर्डर करते हैं तो आपको खाने का बिल, डिलीवरी चार्ज के साथ-साथ एप के इस्तेमाल की कीमत भी देनी पड़ती है।


हालांकि अब तक यह फीस बहुत ही कम थी। पर अब इसे 2.40 प्रति ऑर्डर कर दिया गया है। सुनने में ऐसा लगता है कि यह फीस बहुत छोटी है लेकिन यदि आप महीने में 100 बार आर्डर करते हैं तो इसके हिसाब से आपको हर महीने ₹300 जोमैटो की प्लेटफार्म फीस देनी पड़ेगी।
Zomato ने क्यों बढ़ाई है प्लेटफार्म फीस?
Zomato के प्लेटफार्म फीस बढ़ाने के पीछे कारण दिया जा रहा है कि कंपनी पर फूड डिलीवरी का दबाव बढ़ रहा है। प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। डिलीवरी नेटवर्क टेक्नोलॉजी इत्यादि को अपग्रेड करना पड़ रहा है। जिसके लिए कंपनी को रेवेन्यू की जरूरत है। यही वजह है कि जोमैटो ने प्लेटफार्म फीस बढ़ाने का कदम उठाया है।


जोमैटो के बाद अब स्विग्गी भी बढ़ाएगी चार्ज
सूत्रों की माने तो फिलहाल swiggy ने अपने चार्ज में कोई बदलाव करने की घोषणा नहीं की है। परंतु जोमैटो की फीस बढ़ाने के बाद अब दूसरे डिलीवरी प्लेटफार्म भी अपने चार्ज में बदलाव कर सकते हैं। इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है। ऐसे में हर कंपनी को रिवेन्यू मॉडल मजबूत करना होगा। जिसके चलते कहा जा रहा है कि जल्द ही अन्य फूड डिलीवरी एप्स भी दाम बढ़ा देंगे।
इस परिस्थिति में ग्राहक क्या कर सकते हैं?
● हालांकि ग्राहकों को ऐसी स्थिति में अतिरिक्त चार्ज देने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता। लेकिन कुछ स्मार्ट टिप्स अपना कर ग्राहक खर्च कम कर सकते हैं। जैसे कि,
● जोमैटो के विभिन्न ऑफर्स या डिस्काउंट कूपन्स का इस्तेमाल करना।
● जोमैटो का सब्सक्रिप्शन प्लान ले लेना जो की एक साल तक आपको कम दाम में डिलीवरी देता है।
● वही बार-बार अलग-अलग छोटे ऑर्डर करने की जगह बड़े ऑर्डर प्लान करना।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर Zomato प्लेटफार्म का बदलाव दिखने में भले ही छोटा लग रहा है, लेकिन ग्राहकों की जेब पर इसका असर पड़ेगा। आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी ऐसा ही कदम उठाएंगी जिससे ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना महंगा हो जाएगा।

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