Asha Hospital
in

HP News: धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरा तत्तापानी! बड़ी संख्या में पहुंच रहे टूरिस्ट

HP News: धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरा तत्तापानी! बड़ी संख्या में पहुंच रहे टूरिस्ट

HP News: धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरा तत्तापानी! बड़ी संख्या में पहुंच रहे टूरिस्ट

HP News: धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरा तत्तापानी! बड़ी संख्या में पहुंच रहे टूरिस्ट

HP News: मंडी जिला के करसोग क्षेत्र में स्थित तत्तापानी तेजी से नए पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। अपने गर्म पानी के चश्मों के लिए मशहूर यह ऐतिहासिक नगर कोल डैम में रोमांचक वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए भी अब विख्यात हो रहा है। प्रदेश की राजधानी शिमला से महज 55 किमी दूर तत्तापानी आस्था, विश्वास और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

Shri Ram

HP News: धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनकर उभरा तत्तापानी! बड़ी संख्या में पहुंच रहे टूरिस्ट

अपने मनोरम प्राकृतिक दृश्यों और गहरी आध्यात्मिक जड़ों के कारण यह क्षेत्र हर तरह के सैलानियों को आकर्षित करता है। कोलडैम परियोजना के कारण तत्तापानी में बनी झील में कई जलक्रीड़ा गतिविधियां शुरू की गई हैं। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए पानी में अठखेलियां करती मोटर बोट से लेकर जेट स्की और हॉट एयर बैलून जैसी क्रीड़ाएं करवाई जा रही हैं।

Indian Public School

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा तत्तापानी क्षेत्र को एक नए पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। इसके अन्तर्गत कोलडैम प्रबंधन के साथ हाल ही में बैठक कर राज्य सरकार ने धार्मिक आस्था और विश्वास की इस धरती पर स्थित गर्म पानी के प्राकृतिक चश्मों को पुनर्जीवित करने की पहल की है।

Doon valley school

साथ ही पहले से मौजूद कुंडों की हालत सुधारने तथा उनमें गर्म पानी उचित मात्रा में उपलब्ध करवाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इन कार्यों के दृष्टिगत कोलडैम प्रबंधन को विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस स्थान को विकसित कर, यहां के धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य को बरकरार रखा जा सके।

सतलुज नदी के किनारे स्थित तत्तापानी अपने प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां का गंधकयुक्त गर्म पानी औषधीय गुणों से भरभूर है। मान्यता है कि यहां स्नान करने से चर्म रोग और जोड़ों के दर्द ठीक हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यहां का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है।

JPERC 2025

मान्यता है कि यहां स्नान करने से कुंभ स्नान के बराबर पुण्य मिलता है। हर वर्ष मकर संक्रांति पर, गर्म पानी के कुंडों में हजारों लोग आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य के भागी बनते हैं। सूर्य देव के उत्तरायण होने पर यहां मकर संक्रांति उत्सव मनाया जाता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। गर्म पानी के चश्मों में स्नान कर तुलादान करने की परंपरा भी रही है।

लोग श्रद्धानुसार अन्न, वस्त्र आदि दान करते हैं। मान्यता अनुसार इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि व मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी है, क्योंकि यह सप्तऋषियों में से एक ऋषि जमदग्नि की तपोस्थली मानी गई है।

तत्तापानी वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव प्रेम रैना का कहना है कि यह स्थान धार्मिक आस्था, विश्वास और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बन कर उभरा है। ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि होने, यहां का धार्मिक महत्व, औषधीय गुणों से भरपूर गर्म पानी के कुंड और झील में आयोजित होने वाली जलक्रीड़ा गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

दिन भर की ताजा खबरों के अपडेट के लिए WhatsApp NewsGhat Media के इस लिंक को क्लिक कर चैनल को फ़ॉलो करें।

Written by News Ghat

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it's all about "आपकी बात"!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

दुखद: ज़िंदगी की जंग हारा एचआरटीसी चालक दिनेश! पीजीआई में निधन, बस हादसे में हुए थे घायल

दुखद: ज़िंदगी की जंग हारा एचआरटीसी चालक दिनेश! पीजीआई में निधन, बस हादसे में हुए थे घायल