हिमाचल में मौसम का बदला मिजाज: अगले छह दिन बारिश के आसार, 18-19 जून को अंधड़ और ओलावृष्टि का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सोमवार को शिमला सहित कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
किन्नौर, चौपाल, रामपुर बुशहर और शिकारी देवी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से सेब, मटर और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। किन्नौर की रूपी वैली के शिगारचा, हुरुवा और डबलिंग गांवों में कुछ मिनटों तक हुई तेज ओलावृष्टि से सेब के बागों को भारी क्षति पहुंची। कई पेड़ों से फल गिर गए, जबकि बचे हुए फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। नाशपाती, अखरोट, राजमा और अन्य फसलें भी इसकी चपेट में आई हैं।
रामपुर बुशहर और चौपाल के नोग वैली क्षेत्र में भी ओलों और बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। स्थानीय बागवानों का कहना है कि इस सीजन में अब तक सेब की फसल का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो चुका है।


राजधानी शिमला में शाम के समय हुई तेज बारिश से कई स्थानों पर पानी भर गया। नाले उफान पर आ गए और यातायात प्रभावित हुआ। मंडी शहर में भी बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। कई इलाकों में गंदा पानी सड़कों और नालों में भर गया। ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा और अन्य जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 16 से 21 जून तक प्रदेश के विभिन्न भागों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। विभाग ने 18 और 19 जून के लिए बारिश, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो कुफरी में 31 मिमी, सुंदरनगर में 18 मिमी, शिमला में 12 मिमी, कांगड़ा में 11 मिमी, मंडी में 5 मिमी और नाहन में 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और किसानों-बागवानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह

